Himachal Pradesh

Cryptocurrency Fraud Case : 73 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट, 35 करोड़ की संपत्ति की फ्रीज

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एसआईटी ने रैकेट के आरोपियों की 35 करोड़ की संपत्ति की फ्रीज

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे

हिमाचल पुलिस की एसआईटी ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में अब तक 73 आरोपियों के चार्जशीट दायर की है। एसआईटी ने अब तक क्रिप्टो रैकेट के आरोपियों की 35 करोड़ की संपत्ति भी फ्रीज की है। करोड़ों की ठगी मामले की जांच एसआईटी ने अब एसपी कांगड़ा को सौंप दी है। इससे पहले आईजी उत्तरी रेंज अभिषेक दुल्लर की अध्यक्षता में गठित की गई एसआईटी मामले की जांच कर रही थी। अब इस मामले की जांच एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री को सौंपी गई है। पुलिस की टीम अब एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री के नेतृत्व में आगे की कार्रवाई करेगी। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में गिरफ्तार किए गए मास्टर माइंड मिलन गर्ग, सुखदेव, हेमराज, अभिषेक न्यायिक हिरासत में हैं। मास्टर माइंड मिलन गर्ग को कुछ समय पहले एसआईटी ने कोलकाता से गिरफ्तार किया था। मिलन गर्ग मुख्य आरोपी सुभाष का सारा काम देखता था। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले की नेटवर्किंग से लेकर वेबवसाइट और बाकी का ऑनलाइन काम मिलन गर्ग ही संभालता था। कोलकाता से गिरफ्तार किया गया मिलन गर्ग उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। लोगों से करोड़ों रुपए ठगने के बाद मिलन गर्ग भी दुबई चला गया था, लेकिन पुलिस आरोपी पर नजर रखे हुए थी। हिमाचल पुलिस की टीम मिलन गर्ग को कोलकाता से गिरफ्तार करके हिमाचल ले आई है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी से कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

क्रिप्टो क्वाइन और अलग-अलग वेबसाइट के जरिए करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया गया। मामले में शातिरों ने लोगों को दोगुना रिटर्न का झांसा देकर इन्वेस्ट कराया और बड़ी संख्या में लोग ठगी शिकार हुए हैं। प्रदेश में करीब एक लाख से अधिक लोगों को ठगा गया है। पुलिस की जांच में करीब 2500 करोड़ से अधिक की ट्रांजेक्शन मिली हैं। क्रिप्टो करंसी ठगी मामले के मेन आरोपी मिलन गर्ग, सुखदेव, हेमराज, अभिषेक सहित अब तक 73 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। हालांकि करोड़ों की ठगी का असल किंगपिन मंडी का सुभाष शर्मा देश छोडक़र विदेश भाग चुका है, जिसे अभी तक पकड़ा नहीं गया है। करोड़ों के इस ठगी मामले में कई पुलिस कर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं। उधर, आईजी अभिषेक दुल्लर का कहना है कि पुलिस ने क्रिप्टो करंसी ठगी मामले की जांच एसपी कांगड़ा शालिनी अग्निहोत्री को सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि क्रिप्टो करंसी ठगी मामले में अब तक 73 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। एसआईटी ने अब तक क्रिप्टो रैकेट के आरोपियों की 35 करोड़ की संपत्ति फ्रीज की है।

शातिरों ने बाहरी राज्यों में भी बनाई है संपत्ति

क्रिप्टो करंसी के नाम पर लोगों से करोड़ रुपए ठगने वाले शातिरों ने हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों में भी संपत्ति बनाई है। मामले में कई अहम साक्ष्य एसआईटी के हाथ लगे हैं। शातिरों ने लोगों को ठगने के लिए छह तरह के अलग-अलग क्वाइन तैयार किए थे। हालांकि शातिरों ने वेबसाइट बनाकर लोगों को फर्जी क्वाइन के नाम पर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया है।