प्रदेश को अब तक नहीं मिली एनसीसी अकादमी
संवाददाता संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
आर्मी की पनीरी माने जाने वाली एनसीसी को प्रदेश में अब तक एनसीसी अकादमी को शुरू करने की कवायद सिरे नहीं चढ़ पाई है। प्रदेश में 30 हजार एनसीसी कैडेटस को एनसीसी की गतिविधियों के लिए अभी तक प्रदेश भर में विभिन्न कालेजों, स्कूलों में अतिरिक्त समय में ही पूरा करने पर मजबूर होना पड़ता है। वहीं अन्य राज्यों में एनसीसी को लेकर सरकारों ने समुचित माहौल उपलब्ध करवाया है, जिससे एनसीसी की वहां संख्या भी बढ़ी है। वहीं हिमाचल प्रदेश में एनसीसी अकादमी को लेकर अभी तक योजना सिरे नहीं चढ़ी है। हालांकि एनसीसी के अधिकारियों की मानें तो प्रदेश सरकार हिमाचल में एनसीसी अकादमी को शुरू करने के लिए संजीदा है, जिसमें मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री से लेकर शिक्षा सचिव तक मामला संज्ञान में है। वहीं यह भी संभव है कि चुनाव आचार संहिता के बाद प्रदेश में एनसीसी अकादमी को खोलने की प्रक्रिया को शुरू किया जाए, क्योंकि सभी प्रोपोजल को पटल पर रखा जा चुका है। वहीं हिमाचल प्रदेश को यदि अपनी एनसीसी अकादमी मिलती है, तो एनसीसी के कुशल कैडेट्स तैयार होंगे। साथ ही प्रदेश में एनसीसी की स्ट्रेंथ भी बढ़ेगी। एनसीसी के डिप्टी कमांडर शिमला कर्नल एएस बैंस, एनसीसी सीओ राजीव शर्मा नाहन ने बताया कि एनसीसी अकादमी में एक साथ 600 से अधिक कैडेटस को रेजिडेंशियल क्षमता के साथ विभिन्न ट्रेनिंग दी जा सकेगी।
वहीं अकादमी में ही ट्रेनिंग एरिया तैयार होगा, जिसमें फायरिंग रेंज, ड्रिल ग्राउंड, ऑब्सटीकल कोर्स इत्यादि विभिन्न फील्ड गतिविधियों को शुरू किया जाएगा। वहीं एनसीसी अकादमी में पैरा मिलिट्री, एसएसबी ट्रेनिंग भी दी जाएगी। वहीं स्टाफ क्वार्टर के साथ सभी सुविधाओं से लैस हिमाचल की एनसीसी अकादमी कार्य करेगी। गौर हो कि फिलवक्त प्रदेश भर के 30 हजार से अधिक एनसीसी कैडेट्स को वर्तमान में प्रदेश के स्कूलों व कालेजों में छुट्टियां होने व स्कूल बंद होने के दिनों का इंतजार एनसीसी कैंप को आयोजित करने के लिए करना पड़ रहा है। वहीं एनसीसी के लिए विभिन्न समस्याओं का सामना भी करना पड़ रहा है। एनसीसी डिप्टी कमांडर एएस बैंस के अनुसार एनसीसी अकादमी खुलने से क्षेत्र में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी जनरेट होगा, क्योंकि अकादमी में वर्ष भर ही विभिन्न गतिविधियों का आयोजन होता रहेगा। एनसीसी अकादमी के लिए प्रदेश में फिलहाल भूमि का चयन किया जा रहा है। वहीं प्रदेश के सरकाघाट में भी एनसीसी अकादमी के लिए भूमि देखी गई है। वहीं प्रदेश में अन्य उपयुक्त स्थल पर भी एनसीसी अकादमी के लिए भूमि देखी जा रही है। (एचडीएम)
