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मर्ज होंगे दो किलोमीटर के दायरे वाले स्कूल

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बड़े फैसले की तैयारी, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिए संकेत

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,

राज्य सरकार गुणात्मक शिक्षा पर बड़े बदलाव की तैयारी में है। भविष्य में दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले सरकारी स्कूलों को आपस में मर्ज किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसके संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने रविवार को डा. यशवंत सिंह परमार जयंती के मौके पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गुणात्मक शिक्षा के मामले में हिमाचल देश भर में 18वें स्थान पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनिवर्सिटी खोलना आसान है, जो भी निजी यूनिवर्सिटी खुली हैं, उनकी रैंकिंग होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परफार्मेंस पर ध्यान देने की जरूरत है। दो किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्कूलों को भविष्य में जोड़ा जाएगा। यहां सरकार शिक्षकों की व्यवस्था करेगी और गुणात्मक शिक्षा पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कम छात्रों वाले स्कूलों के साथ ही शिक्षकों की कमी भी गुणात्मक शिक्षा के क्षेत्र में आड़े आ रही है।

इसे दूर करने के लिए स्कूलों को आपस जोडक़र क्षेत्र के बच्चों को गुणात्मक शिक्षा के साथ आगे बढ़ाने के प्रयास करना बेहद आवश्यक है और यही कदम आगामी दिनों में सरकार उठाने जा रही है। ऐसे बड़े बदलाव दूसरे विभागों में भी देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को 2027 तक आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का खजाना लुटने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के स्तर में बहुत गिरावट आ चुकी है। इसलिए फैसले लेने पड़े हैं। गुणात्मक शिक्षा में 18वें स्थान पर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि अब तक सरकार के दो बजट प्रस्तुत हुए हैं और दोनों में हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए गए हैं।