प्रदेश के स्कूलों में तीन महीने में भर्ती होंगे स्पेशल एजुकेटर…पढ़ें पूरी जानकारी
शिक्षा सचिव ने उच्च शिक्षा निदेशक को जारी किए निर्देश
एचपी बोर्ड करवाएगा टेट, 245 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा बनी थी रोड़ा
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे
प्रदेश के स्कूलों में स्पेशल एजुकेटर की भर्ती का प्रोसेस तीन महीने में पूरा होगा। इस बारे में शिक्षा सचिव राकेश कंवर ने निदेशक प्रारंभिक शिक्षा को तय समय में भर्ती प्रोसेस पूरा करने के निर्देश जारी किए हंैं। इसके साथ ही एचपी बोर्ड धर्मशाला की ओर से स्पेशल केस में टेट परीक्षा भी करवाई जाएगी। एचपी बोर्ड ही टेट का सिलेब्स तैयार करेगा। स्पेशल केस को भी इन्हीं भर्तियों के साथ ही कंसीडर किया जाएगा। गौर रहे कि हिमाचल के शिक्षा विभाग में पहली बार होने जा रही स्पेशल एजुकेटर की भर्ती में नया पेंच फंस गया है।
इस भर्ती में 21 साल बाद क्लास थ्री में 245 पद रेगुलर भरे जाने हैं, लेकिन नए नियमों के अनुसार, इस भर्ती के लिए टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट पास करना जरूरी है। विशेष बच्चों के लिए यह टेस्ट अभी राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड नहीं लेता है। ऐसे में अब शिक्षा सचिव ने निर्देश जारी किए हैं कि शिक्षा बोर्ड इन पदों के लिए टेट परीक्षा भी लेगा। शिक्षा विभाग में इन भर्तियों के लिए भर्ती नियम नोटिफाई कर दिए हैं। इनके माध्यम से प्राइमरी में 138 और अपर प्राइमरी में 107 पद भरे जाएंगे। यह भर्ती इस बार रेगुलर होगी। हालांकि भर्ती नियमों में भविष्य के लिए कॉन्ट्रैक्ट का भी प्रावधान रखा गया है।
सामान्य टेट मान्य नहीं
सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि सामान्य वाला
टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट इसके लिए मान्य नहीं है। चंडीगढ़ में भी इनके सिलेबस के अनुसार
यह परीक्षा होती है। आरसीआई के प्रावधान भी ऐसे ही हैं। इसलिए इस भर्ती को करने से
पहले टेट परीक्षा भी इन पात्र अभ्यर्थियों को पास करनी होगी।
प्रदेश में 2003 के बाद पहली बार क्लास-थ्री में रेगुलर भर्ती
हिमाचल में वर्ष 2003 के बाद पहली बार क्लास-थ्री यानी ग्रुप-सी की किसी पोस्ट पर रेगुलर भर्ती होने जा रही है। राज्य चयन आयोग के माध्यम से ये भर्ती की जानी है। इसके साथ ही इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता भी तय कर दी गई है। इसमें 18 से 45 वर्ष के बीच आयुसीमा तय की गई है। इसमें पहली से पांचवी कक्षा के बच्चों को पढ़ाने वाले 138 स्पेशल एजुकेटर के पास योग्यता 50 फीसदी में जमा दो परीक्षा और रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया से अप्रूव संस्थाओं से डिप्लोमा इन स्पेशल एजुकेशन या डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन और क्रॉस डिसेबिलिटी एरिया में पढ़ाने का छह महीने का अनुभव चाहिए है। टेट पास करना भी जरूरी है। इसके साथ ही छठी कक्षा से जमा दो कक्षा पढ़ाने वाले स्पेशल एजुकेटर के पास ग्रेजुएशन डिग्री में 50 फीसदी अंकों के साथ आरसीबीआई से बीएड डिग्री के साथ डिप्लोमा, टेट पास डिग्री होना जरूरी है।
