PMGSY : चंबा-किन्नौर, लाहुल-स्पीति में पीएमजीएसवाई का सर्वे शुरू
बर्फबारी से पहले ट्राइबल इलाकों में काम पूरा करेगा विभाग
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के आदेश पर पीडब्ल्यूडी ने ट्राइबल इलाकों का सर्वे शुरू कर दिया है। पीडब्ल्यूडी ने बर्फबारी से पहले इस सर्वेक्षण को पूरा कर लेने की तैयारी की है। हालांकि विभाग ने 15 नवंबर तक सर्वेक्षण को पूरा करने की बात कही है, लेकिन अति दुर्गम इलाकों में पहुंचने के लिए विभाग को 15 दिन अतिरिक्त लग सकते हैं। विभाग ने सर्वेक्षण का पहला दौर हर हाल में 30 नवंबर तक पूरा करने के बाद इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजने की तैयारी की है। पीडब्ल्यूडी के पास ग्रामीण इलाकों में सडक़ से छूटे गांवों की सूची बनी हुई है और अब आनलाइन माध्यम से इस आंकड़े को अपडेट किया जा रहा है। खास बात यह है कि विभाग इस सर्वे में इस बात का भी पता लगा रहा है कि 2011 की जनगणना के बाद जो गांव 100 से 250 तक की आबादी वाले पंजीकृत हुए थे। उनमें से लोगों का पलायन तो नहीं हुआ है। फिलहाल, हिमाचल में तीन जिले भौगोलिक के आधार पर ट्राइबल में आते हैं। इनमें चंबा के भरमौर और पांगी जबकि लाहुल-स्पीति और किन्नौर जिले शामिल हैं।
इसके साथ ही चंबा जिला अकांक्षी श्रेणी में आता है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने देश भर के सभी 117 अकांक्षी जिलों में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण को प्राथमिकता के साथ शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यहां आबादी का दायरा 100 से 250 तक कर दिया है। ऐसे में अब पीडब्ल्यूडी इन ट्राइबल और अकांक्षी जिला के आधार पर राज्य में सबसे पहले चंबा, किन्नौर और लाहुल-स्पीति में सर्वेक्षण का काम पूरा कर रहा है। सर्वेक्षण से पहले जो आकलन सडक़ से छूटे गांवों का किया था उनमें चंबा में सबसे ज्यादा 58 गांव पंजीकृत हुए हैं।
