पहाड़ी के नाम पर बेच रहे चाइनीज लहसुन, रहें सावधान
मंडियों में धड़ल्ले से हो रही सप्लाई, 400 रुपए किलो तक मिल रहे दाम
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
नूरपुर व इसके साथ लगते सभी क्षेत्रों की मार्केट में पहाड़ी के नाम पर चाइनीज लहसुन धड़ल्ले से बिक रहा है। प्रतिबंधित चाइनीज लहसुन, जो महंगा होने के साथ-साथ बेस्वाद भी है। नूरपुर तथा इसके साथ लगती मंडियों में रोज टनों के हिसाब से चाइनीज लहसुन की बिक्री हो रही है। दुकानदारों को आफत पड़ी है कि किस किस्म के लहुसन को बेहतर बता कर सेल करें। पहाड़ी लहसुन का मंडी में रेट 275 रुपए से लेकर 300 तक है। मार्केट में 350 तक मिल जाता है। दूसरी तरफ चाइनीज लहसुन मार्केट में 400 रुपए किलो मिल रहा है।
चाइनीज लहुसन के महंगे होने के कारण दुकानदार अधिक प्रॉफिट के लिए इसकी बिक्री करना अधिक पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि ज्यादा प्रॉफिट की वजह से सीध असर पहाड़ी लहुसन पर पड़ा है। इस समय मार्केट में से पहाड़ी लहुसन गायब होता जा रहा है। ग्राहकों को इसकी पूरी पहचान न होने के कारण पहाड़ी लहुसन के नाम पर चाइनीज की बिक्री हो रही है। सरकारी डिपुओं पर तो शायद पहले से ही लहुसन नहीं मिलता था, पर अब कोई भी उपलब्ध नहीं है। नूरपुर के एक डिपो धारक सतीश कुमार का कहना है कि मार्केट में अब चाइनीज लहुसन आ गया है, जिसने पहाड़ी लहुसन की मार्केट खत्म ही कर दी है। नूरपुर उपमंडल में लहुसन की पैदावार बहुत कम है।
चार जिलों में सबसे ज्यादा पैदावार
नूरपुर के साथ लगते क्षेत्रों में घरेलू खपत पूरा करने के लिए बाहरी राज्यों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। हिमाचल में शिमला, कुल्लू, सोलन व सिरमौर में सबसे अधिक लहुसन पैदा होता है। सोलन व कुल्लू में अप्रैल के अंत तक लहुसन तैयार हो जाता है, जो हिमाचल में सप्लाई न होकर सीधा दूसरे राज्यों को जाता है
