Himachal Pradesh

बिजली कर्मचारियों ने सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

बिजली कर्मचारियों ने सोमवार को प्रदेश भर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। बोर्ड कर्मचारियों के ज्वाइंट फ्रंट ने शिमला समेत प्रदेश के हरेक बिजली दफतर के बाहर प्रदर्शन किया जिसमें अभियंता, कर्मचारी व तकनीकी कर्मचारी, पेंशनर सभी शामिल हुए। ज्वाइंट फ्रंट ने सरकार को 15 दिन का समय दिया है और कहा कि यदि सरकार ने इस दौरान उनकी मांगों को नहीं माना तो वह टूल डाउन, पेन डाउन स्ट्राइक करेंगे और उनका वर्क टू रूल अगले 15 दिन भी जारी रहेगा। प्रदेश भर के साथ यहां शिमला मुख्यालय में बड़ी संख्या में ज्वाइंट फ्रंट के बैनर तले कर्मचारी जुटे जिन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों को नहीं मान रही है।
ज्वाइंट फ्रंट की ओर से ईं लोकेश ठाकुर संयोजक ने इसका नेतृत्व किया वहीं सह संयोजक हीरा लाल वर्मा, पेंशनर फोरम से टी.आर.गुप्ता व पूर्व संयोजक ई.सुनील ग्रोवर इसमें शामिल हुए। उन्होंने कहा कि आंदोलन को 15 दिनों के लिए टाला जा रहा है क्योंकि अभी त्यौहारी सीजन है ऐसे में यदि इस दौरान सरकार मुद्दों का समाधान नहीं करती है तो फिर संघर्ष होगा। यहां कुमार हाउस में विभिन्न नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित किया और कहा कि सरकार ने इस कार्यकाल को अभी तक पहले अस्थाई प्रबंधन से चलाया और अब जब नियमित अधिकारी लगाए हैं तो एक कैबिनेट सब कमेटी बिठा दी गई है। इस सब कमेटी द्वारा लिए गये एजेंडों व इसकी कार्यप्रणाली से ज्वाइंट फ्रंट को लगता है कि इस कमेटी को सरकार द्वारा कुछ छिपे हुए एजेंडे को लागू करने के लिए गठित किया गया है। गत दिनों इस कमेटी की सिफारिश पर 51 इंजीनियर के कार्यात्मक पदों के साथ 81 आउटसोर्स ड्राइवर की सेवाएं समाप्त करना जैसे फैसले इस बात को सत्यापित करते हैं। यह तो शुरुआती फैसले हैं,