Himachal PradeshKangra

सराय टांडा अस्पताल की, आमदनी रेडक्रॉस के खाते, तीमारदार कड़ाके की ठंड में फर्श पर रातें काटने को मजबूर

Spread the love

विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

एक कमरे के वसूले जा रहा 600 रुपए, गरीब तबके के तीमारदार कड़ाके की ठंड में फर्श पर रातें काटने को मजबूर
डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल की नवनिर्मित सराय का न तो गरीब मरीजों को लाभ मिल रहा और न ही टांडा अस्पताल को इसकी आमदनी का लाभ मिल पा रहा है। 15 साल का अरसा बीत जाने के बाद सराय को बनाकर मरीजों सहित तीमारदारों के सपुर्द तो कर दिया गया, लेकिन इससे होने वाली आमदनी टांडा अस्पताल की रोगी कल्याण समिति के बजाए रेडक्रॉस के खाते में ही जा रही है। यहां तो टांडा अस्पताल को न तो आम न ही गुटलियों के दाम मिल रहे हैं।
एक कमरे का किराया 600 रुपए रखा है जो कि टांडा अस्पताल के गेस्ट हाउस से भी अधिक है ऐसे में गरीब मरीजों सहित तीमारदारों का कहना है कि जो मरीज 15 से 20 दिन लगातार अस्पताल में इलाज के दौरान एडमिट रहता है उसके लिए इतना अधिक सराय का किराया देना बहुत मुश्किल है इसलिए आज भी मरीजों के तीमारदार सर्द कड़ाके की ठंड में टांडा अस्पताल के ठंडे सीमेंट के बरामदों में सोने के लिए मजबूर हैं। टांडा अस्पताल और रेडक्रॉस के बीच में सराय को चलाने हेतु एमओयू भी किया गया है जिसके तहत कुछ शर्तें भी रखी गई हैं लेकिनएक कमरे का किराया छह सौ रुपए लेना उचित नहीं है।
2016 में नींव, 2022 में किया लोकार्पण
टांडा अस्पताल सराय की नींव 19 अप्रैल 2016 को कांग्रेस के पूर्व स्वर्गीय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा रखी गई थी जिसे भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने छह सितंबर 2022 को सराय भवन का लोकार्पण कर मरीजों के लिए शुरू कर दी गई थी। हालांकि नींव रखने के बाद भी छह साल तक मरीजों और तीमारदारों को इसका इंतजार करना पड़ा।