Himachal Pradesh

खाली जमीन पर सौर ऊर्जा तैयार करेगा बिजली बोर्ड

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

महकमे ने छह जिलों में चिन्हित की जमीन
पहले चरण में 19 मेगावाट का उत्पादन, 100 मेगावाट का रखा लक्ष्य

हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड अपने विभिन्न प्रयासों के माध्यम से अपनी वित्तीय सेहत को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। ऐसे ही एक प्रयास में विद्युत बोर्ड लिमिटेड ने निर्णय लिया है कि एचपीएसईबीएल के स्वामित्व वाली भूमि पर तथा एचपीएसईबीएल के अधीन खाली स्थलों पर गैर आवासीय भवनों पर ग्रिड से जुड़े सौर पीवी संयंत्र, ग्राउंड माउंटेड तथा रूफ टॉप दोनों की स्थापना करके विद्युत बोर्ड की वित्तीय स्थिति को और मजबूत किया जाएगा। बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को यहां बोर्ड मुख्यालय में आयोजित विद्युत बोर्ड के पूर्णकालिक निदेशकों की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बोर्ड के प्रबंध निदेशक संदीप कुमार ने बताया कि पहले चरण के 19 मेगावाट प्राप्त करने के लिए कुल्लू, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, सोलन और हमीरपुर जिलों में स्थित एचपीएसईबी लिमिटेड के जेनरेशन और ईएस विंग के कार्यालयों के तहत खाली भूमि में साइटों का चयन किया गया है।
निदेशक मंडल ने इस उद्देश्य के लिए बोली प्रक्रिया को भी मंजूरी दे दी है, ताकि जल्द से जल्द यह उत्पादन क्षमता हासिल की जा सके। इसके अलावा एचपीएसईबी लिमिटेड की योजना अगले तीन वर्षों के भीतर अपनी उत्पादन क्षमता को 100 मेगावाट तक बढ़ाने की है, जिसमें सौर परियोजनाओं की स्थापना और आरईएससीओ मॉडल के तहत अपनी मौजूदा जल विद्युत परियोजनाओं का संवद्र्धन शामिल है। काजा में दो मेगावाट का सोलर प्लांट ट्रायल रन पर हैं। ये प्लांट अपने प्रकार का पहला संयंत्र है, जिसमें बैटरी बैकेज भी है, जिस पर 18 करोड़ खर्च आया है।