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खनन का शिकार हो रहा प्राचीन महादेव मंदिर

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नेक सिंह ठाकुर (ट्राइबल टूडे न्यूज)चंबा।

कुनैला घाट जहाँ हर वर्ष राधाअष्टमी के दिन पवित्र नहौण (शाही स्नान) का आयोजन किया जाता है और हज़ारों की संख्या में श्रद्धालू यहाँ स्नान करते हैँ। प्राचीन काल से मान्यता है कि मणीमहेश के लिए महादेव यहीं से मणि रूप लेकर गए हैँ। साहो में प्रसिद्ध चंद्रशेखर महादेव मंदिर के लिए भी महादेव शिला रूप में यहीं से गए हैँ। लेकिन आज यह स्थान कुछ लोगों की पैसों की भूख और ज्यादातर आस पड़ोस के लोग जिनकी इस मंदिर के प्रति आस्था तो है परंतु ध्यान नहीं है। इसकी बजह से खनन का शिकार हो रहा है। मंदिर की पिछली तरफ होते अंधाधुंध खनन की बजह से मंदिर के अस्तित्व को खतरा हो गया है। लोग इतने बेशर्म हो गए हैँ कि यहाँ साल नदी के किनारे दोनों तरफ श्मशानघाट है फिर भी यहाँ खनन धड़ल्ले से हो रहा है। कुछ समय पहले यहाँ शिखर से पत्थर का बड़ा टुकड़ा गिरा था उसको भी उठा ले गए हैँ।
कानून के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का खनन अवैध है और करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही का प्रावधान भी है।
अतः हमारा पंचायत नुमाइंदो, खनन विभाग से आग्रह है कि इस अवैध खनन को जल्द से जल्द बंद करवाएं और यहाँ एक लिखित बोर्ड का प्रावधान किया जाए ताकि भविष्य के लिए हम इस मंदिर के अस्तित्व को बनाएं रखें।
इससे पहले भी प्रशासन से कई बार मांग की जा चुकी है परंतु कुछ दिन तक फर्क पड़ता है फिर वही हाल शुरु हो जाता है ।
इन खनन माफियों ने कुनैला घाट को कमाई का साधन बना कर रखा हुआ है ।