कोटखाई गुडिय़ा हत्या कांड : IG जैदी, डीएसपी जोशी सहित आठ पुलिसकर्मी दोषी
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
कोटखाई के दिल दहला देने वाले ‘गुडिय़ा बलात्कार व हत्याकांड’ के आरोपी की पुलिस हिरासत में हत्या के मामले में सीबीआई कोर्ट का फैसला
आठ साल बाद इनसाफ; 27 को सुनाई जाएगी सजा, नौ आरोपियों में से सिर्फ तत्कालीन एसपी नेगी बरी
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के कोटखाई के दिल दहला देने वाले ‘गुडिय़ा बलात्कार व हत्याकांड’ के एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की अदालत ने नौ आरोपी पुलिसकर्मियों में से आठ को दोषी करार दे दिया, जबकि सबूतों के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया गया। सीबीआई ने इनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 302, 338, 348, 195, 196, 218 और 201 के तहत मामला दर्ज किया था। वर्ष 2017 के इस ‘गुडिय़ा बलात्कार व हत्याकांड’ मामले में गिरफ्तार एक आरोपी सूरज की पुलिस हिरासत में हत्या के मामले में सीबीआई जज अलका मलिक की कोर्ट ने आठ आरोपियों हिमाचल प्रदेश के आईपीएस अफसर आईजी जहूर हैदर जैदी, तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, एसएचओ रजिंदर सिंह, सहायक सब इंस्पेक्टर दीप चंद शर्मा, हेडकांस्टेबल मोहन लाल, सूरत सिंह, रफी मोहम्मद तथा कांस्टेबल रंजीत स्टेटा को दोषी करार दे दिया है, जबकि गवाहों के बयान व सबूतों के अभाव में नामजद शिमला के तत्कालीन एसपी डंडूब वांगियाल नेगी को बरी कर दिया गया है। सभी दोषियों को पुलिस ने तुरंत हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इन सभी को 27 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी। गौरतलब है कि कोटखाई में चार जुलाई, 2017 को लापता हुई 16 वर्षीय छात्रा का शव कोटखाई के तांदी के जंगल में निर्वस्त्र हालत में मिला था। मामले की जांच के लिए शिमला के तत्कालीन आईजी सैयद जहूर हैदर जैदी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की थी, जिसने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
