एक फैसले से सरकार को 30 करोड़ का फायदा
पांच मेडिकल कॉलेजों के लिए एमआरआई मशीन खरीद रही हिमाचल सरकार
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
हिमाचल सरकार राज्य के मेडिकल कॉलेजों के लिए नई मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग यानी एमआरआई मशीन खरीदने जा रही है, लेकिन इस खरीद को लेकर सरकार का एक फैसला 30 करोड़ की बचत कर गया है। यह फैसला था यह खरीद खुद न करके भारत सरकार की एजेंसी एचएलएल इन्फ्राटेक सर्विसेज लिमिटेड यानी हाइट्स को यह परचेज देने का। स्वास्थ्य विभाग ने जब एक से ज्यादा बार यहां टेंडर की कोशिश की, तो एक मशीन की लागत 27 करोड़ से नीचे नहीं आ रही थी, लेकिन भारत सरकार की इस एजेंसी के माध्यम से खरीद करने पर एक मशीन 21 करोड़ की मिल रही है। इस खरीद में करीब 30 करोड़ की बचत हो रही है। एजेंसी ने दो मशीनों के लिए टेंडर फाइनल कर दिया है, जबकि दो के लिए एक हफ्ते में यह फाइनल हो जाएगा।
कुल पांच एमआरआई मशीनें खरीदी जाएंगी। अभी राज्य सरकार को दो एमआरआई मशीन जून महीने में मिल जाएंगी, जबकि बाकी दो जुलाई महीने में मिलेगी। इन्हें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना, आईजीएमसी, हमीरपुर, नेरचौक और टांडा मेडिकल कॉलेज में स्थापित किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव एम सुधा देवी ने बताया कि पहले अपने स्तर पर यह खरीद करने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन केंद्र की एजेंसी हाइट्स के पास जैम पोर्टल के अलावा और भी विकल्प हैं। इससे टेंडर का दायरा बड़ा हो गया। इसी कारण अब कम रेट पर यह खरीद हो पा रही है।
रोबोटिक सर्जरी परचेज के लिए पैसे का इंतजार
हिमाचल सरकार सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना शिमला और टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए रोबोटिक सर्जरी के उपकरण ले रही है। पहले चरण में दो रोबोट की खरीद हो रही है। इसके लिए टेंडर स्वास्थ्य विभाग ने खुद किया था। पहले टांडा मेडिकल कॉलेज को रोबोट दिया जा रहा है। उसके बाद चमियाना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को भी मिलेगा। हालांकि ऑर्डर प्लेस करने के लिए अब वित्त विभाग से पैसे का इंतजार है।
