हिमाचल में अब सरकारी एजेंसी चलाएगी बचे हुए शराब ठेके, इनसे ऑप्शन लेने की योजना
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
हिमाचल प्रदेश में शराब का ठेका चलाने का काम अब सरकारी एजेंसी करेगी। राज्य में करीब 200 ऐसे शराब ठेके हंै, जो बिक नहीं पाए हैं। इनका आंकड़ा राज्य कर एवं आबकारी विभाग अभी तक जारी नहीं कर रहा है, मगर सूत्रों की मानें तो विभाग ने सरकारी एजेंसियों के साथ इस मामले को लेकर चर्चा की है और उनसे यह पूछा है कि क्या वे शराब का ठेका चलाएंगे। सूत्रों के अनुसार गुरुवार को राज्य कर एवं आबकारी विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार और आयुक्त डा. यूनुस ने कुछ एजेंसियों और जिलों के डीसी से वर्चुअली बैठक की है, जिसमें उनकी राय ली गई है। जिलाधीशों को कहा गया है कि यदि सरकारी एजेंसी को शराब का ठेका दिया जाता है, तो उनकी मदद करें, ताकि वह सही तरह से इसका संचालन कर सके। जानकारी है कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने पांच जिलों शिमला, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू व कांगड़ा में नगर निगम, नगर परिषदों, हिमफेड, सिविल सप्लाई कारपोरेशन से इसे लेकर डिमांड मांगी है, क्योंकि इन्हीं जिलों में शराब के ठेके पूरी तरह से नहीं बिक पाए हैं।
लिहाजा यहां पर जो भी ठेके बचे हैं, उनको सरकारी एजेंसियों को देने की सोची जा रही है। अब इनसे पैसा किस तरह से लिया जाएगा इसे लेकर कुछ परेशानी है, क्योंकि इसका फॉर्मेट नहीं बन पा रहा है। इससे पहले कभी भी सरकारी एजेंसियों ने यह काम नहीं किया है। दिलचस्प बात यह है कि दो दिनों तक आठ व नौ अप्रैल को इन्हीं पांच जिलों में शराब ठेकों के लिए नीलामी की गई। सिंगल-सिंगल ठेके को देने के लिए टेंडर मांगे गए। दो दिनों तक तो शराब ठेकेदारों में काफी ज्यादा रूझान दिखा और 100 से ज्यादा शराब ठेकों की बिक्री भी हुई है, मगर शुक्रवार को तीसरे दिन ज्यादा रुझान नहीं दिखा।
