रावी नदी में सरेआम फेंका जा रहा मक सरकार और पर्यावरण विभाग बेखबर
जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का आजकल यह कहावत जनजातीय क्षेत्र भरमौर में निर्माणाधीन कुठेड़ हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के लॉट 2 के निर्माण कार्य में लगी एमएफ भूमि कम्पनी पर बिल्कुल सटीक बैठ रही है इन कम्पनी प्रबंधकों को सरकार द्वारा दी गई खुली छूट का आलम यह है कि यह कम्पनी प्रबंधक दिन दोपहर सरेआम मक रावी नदी में उड़ेलने में कोई गुरेज नहीं कर रहे है न इनको रोकने वाला कोई स्थानीय प्रशासन का शख्स है और न ही बात बात पर पर्यावरण की दुहाई देने वाला पर्यावरण विभाग सरेआम कम्पनी प्रबंधक रावी नदी को लगातार दूषित कर रहे हैं लेकिन सरकारी छूट के चलते इन पर आज तक कोई कानूनी कार्यवाही अमल में नहीं लाई जा सकी है। स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द एमएफ भूमि कम्पनी पर कानून का शिकंजा कसा जाए ताकि रावी नदी को दूषित होने से बचाया जा सके।
