Bharmour

जालसू जोत पर 83 बकरियों की जान गवाने वाले भेड़पालकों ने गद्दी समुदाय और सरकार से की यह मांग

Spread the love

ट्राइबल टुडे भरमौर जनजातीय क्षेत्र होली को जिला कांगड़ा से जोड़ने वाले जालसू जोत पर 21 अप्रैल की रात 83 बकरियों की जान गंवाने वाले होली क्षेत्र के भेड़ पालक सोमवार को होली पहुंचे यहां पहुंचने पर उन्होंने ट्राइबल टुडे टीवी से बातचीत करते हुए बताया कि उस रात किस तरह उनको अपनी जान के लाले पड़ गए थे और भेड़ बकरियों तो दूर उनको अपनी जान बचाने तक की आफत आ गई थी राकेश कुमार ने बताया कि उस रात भयंकर बर्फीला तूफान था और उनकी भेड़ बकरियां 3 दिन से भूखी थी और भूख की वजह से यह भेड़ बकरियां अपने अपने रास्ते में भटक गई और जहां जो भेड़ बकरी रुकी हुई थी वही उसकी मौत हो गयी उन्होंने बताया कि की बकरियों के शव ऐसी जगह पर पड़े थे जहां पहुंचना मुश्किल थाउन्होने बताया कि उनकी बकरियों के शव जगह-जगह लावारिस पड़े हुए हैं और उन्हें गिद्ध और कौवे खा रहे हैं उन्होंने ट्राइबल टुडे टीवी के माध्यम से गद्दी समुदाय से मांग की है कि उनके बकरियों के शवों को अगर यहां तक पहुंचा दिया जाता है तो उनको कुछ ना कुछ आर्थिक रूप से मदद मिल जाएगी उन्होंने बताया कि पिछले 25 वर्षो से वह इस जोत के माध्यम से आते जाते रहे हैं लेकिन वह कभी भी इस तरह से परेशान नहीं हुए हैं उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें उचित मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए इसके अलावा उन्होंने वूल फेडरेशन से भी मांग की है कि वह भी अपनी ओर से कुछ ना कुछ आर्थिक रूप से मदद जरूर करें। #fraudulentholdingincident#83goatsdiedinfakefarm#Sheepherderswholostthelivesof83goatsonthefarm#Gaddi community