कर्ज तले दबे जीएमआर प्रोजेक्ट विस्थापित की दो टूक कहा पूरा मुआवजा दो अन्यथा आत्महत्या बचा रास्ता ……
जनजातीय क्षेत्र भरमौर की होली तहसील में बनी जीएमआर जल विद्युत परियोजना के विस्थापितों को उनका पूरा मुआवजा नहीं मिल पाया है इस परियोजना के विस्थापितों विक्रम कुमार का कहना है कि कंपनी ने मुआवजे की पूरी राशि नहीं दी है जिसकी वजह से उन्हें अपने नए भवन निर्माण में कई प्रकार की मुश्किलें पैदा हो रही है उनका कहना है कि घर के नवनिर्माण के लिए उन्हें भारी कर्जा उठाना पड रहा है इसके चलते वह भारी कर्ज के तले दब गए हैं उन्होंने दो टूक कहा है कि या तो कंपनी उन्हें मुआवजा दे या फिर उनके पास आत्महत्या के अलावा अब दूसरा रास्ता नहीं बचता है बता दें कि होली में जीएमआर जल विद्युत परियोजना की टनल रिसाव के चलते होली पंचायत के झडौता गांव के कई घरों का नामो निशान मिट गया था इसके अलावा कई पेड़ और फलदार पौधे भी इसकी जद में आ गए थे जिसका मुआवजा जीएमआर जल विद्युत परियोजना के प्रबंधकों ने देना था लेकिन अभी तक इस मुआवजे की पूरी राशि विस्थापितों को नहीं मिल पाई है विस्थापित विक्रम कुमार का यह भी कहना है कि कंपनी लोगों में और प्रशासन के सामने यह दावा करती है कि उन्हें हर प्रकार की संभव सहायता दी जा रही है लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है उनका कहना है कि जो किराया की बात हुई थी वह किराया तक भी कंपनी देने में आनाकानी करने लग पड़ी है उन्होने कहा कि कम्पनी द्वारा उनके परिवार के किसी भी सदस्य को रोज़गार भी नही दिया गया है उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वह उनके मामले में हस्तक्षेप करें और उन्हें पूरा मुआवजा दिलाने की कृपा करें।
