सिविल हॉस्पिटल भरमौर में अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद भी 10 सालों से नहीं हो पा रहे हैं अल्ट्रासाउंड
ट्राइबल टुडे भरमौर
सिविल हॉस्पिटल भरमौर में पिछले करीब 10 सालों से अल्ट्रासाउंड न होने की वजह से खासकर गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनजातीय क्षेत्र भरमौर की गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान करीब 100 किलोमीटर दूर जाकर चंबा में मजबूरी में अल्ट्रासाउंड करवाने पड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार यहां पर बरसों से बड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन पिछले कई सालों से धूल फांक रही है। रेडियोलॉजिस्ट ना होने के कारण यहां पर पिछले करीब एक दशक से लोगों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भरमौर से बाहर जाना पड़ रहा है जिसके लिए उन्हें अच्छी खासी रकम भी खर्च करनी पड़ रही है।
गौरतलब है जनजातीय क्षेत्र भरमौर में वर्तमान में जो विधायक हैं पेशे से डॉक्टर हैं लेकिन यहां के लोगों को पिछले कई सालों से अल्ट्रासाउंड तक की मूलभूत सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है। यहां से हर रोज दर्जनों गर्भवती महिलाओं को मजबूरी में निजी वाहन व टैक्सी वाहन के जरिए चंबा में जाकर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ रहा है। जहां उन्हें घंटा लाइन में लगना पड़ रहा है तो कई बार उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए तारीख पर तारीख मिल रही है।
हालांकि गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान तीन बार अल्ट्रासाउंड करवाना आवश्यक होता है लेकिन भरमौर में अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद भी पिछले कई सालों से गर्भवती महिलाओं व दूसरे मरीजों को इस सुविधा से महरूम रहना पड़ रहा है। यहां पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा को माहिया करवाने के लिए कई बार लोगों ने शासन प्रशासन व सरकार को भी अवगत करवाया है लेकिन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है जानकारी के अनुसार पहले कुछ वर्ष यहां पर हफ्ते के कुछ दिन रेडियोजोलिस्ट यहां पर आकर अल्ट्रासाउंड करते थे लेकिन पिछले कई सालों से यह सुविधा भी बंद हो गई है। वर्तमान में यहां के विधायक पीछे से डॉक्टर हैं लेकिन वह भी इस सुविधा को अभी तक मुहैया नहीं करवा पाए हैं जिसके कारण यहां पर गरीब जनता को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो यहां पर डॉक्टरों की कमी होने के कारण यहां पर तैनात डॉक्टरों पर भी काफी बोझ आ गया है। जबकि यहां पर हर रोज 200 से 250 तक की ओपीडी हो रही है।
लेकिन पिछले कई सालों से यहां पर अल्ट्रासाउंड मशीन होने के बावजूद भी यह सुविधा महिला ना होने के कारण यहां की गरीब जनता को काफी आर्थिक नुकसान हो चुका है।
यही नहीं कुछ वर्ष पहले एक गर्भवती महिला सहित दंपति की अल्ट्रासाउंड करवाने जाते वक्त दुर्घटना में मृत्यु भी हो चुकी है।
इस विषय पर बीएमओ भरमौर डॉक्टर शुभम भंडारी ने कहा है कि यहां पर रेडियो जो लिस्ट ना होने के कारण लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है उन्होंने कहा है कि अगर हफ्ते में कुछ दिन भी यहां पर रेडियोजोलिस्ट तैनात हो जाए तो काफी हद तक गर्भवती महिलाओं को इसका फायदा होगा और उन्हें अल्ट्रासाउंड के लिए क्षेत्र से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
