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भटियात में ग्रामीणों ने 5 किलोमीटर पैदल चलकर पालकी में घर पहुंचाई प्रसूता महिला

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भटियात में ग्रामीणों ने 5 किलोमीटर पैदल चलकर पालकी में घर पहुंचाई प्रसूता महिला

बर्फबारी में प्रसूता महिला को पालकी में उठा 5 किमी पैदल चल परिजनों और ग्रामीणों ने काहरी पंचायत के डैनघोड़ी गांव स्थित घर पहुंचाया। इस दौरान ग्रामीणों ने पालकी मुक्त भटियात करने संबंधी दावों को लेकर पालकी को एंबुलेंस कहते हुए भटियात विधानसभा क्षेत्र के राजनेताओं, प्रशासन और संबंधित विभाग पर तंज कसे मामला भटियात क्षेत्र का है जिसमे
डैनघोड़ी निवासी सोनू कुमार पुत्र गांधी राम की पत्नी को प्रसव पीड़ा के कारण शनिवार को टांडा ले जाया गया। जहां पर उनका प्रसव हुआ। बीते रविवार को बर्फबारी के बीच प्रसूता को वापिस घर लाना परिजनों और ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया। बहरहाल, जैसे-तैसे प्रसूता को घर पहुंचाया गया। सड़क के अभाव में उबड़-खाबड़, संकरे रास्ते के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इससे पूर्व भी ग्रामीण सड़क सुविधा की मांग पूरी न होने से खिन्न हो एमपी चुनावों का बहिष्कार कर चुके हैं। लेकिन, अभी तक ग्रामीणों को सड़क सुविधा के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा इस बारे कुछ नहीं कहा जा सकता है। जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत काहरी के गांव डैनघोड़ी, पुरखड़ा, घामग्रा, रखेड़, खैर, रियाली, रेड, झुम्टारा, खेड़ा, खरपू, धुड़ी, सुधार गांव आज तलक अछूते हैं। सड़क के अभाव में क्षेत्र की 4 हजार की आबादी रोजाना मीलों पैदल सफर तय कर आवाजाही को मजबूर हैं।