आपके फोन में ये आठ ऐप तो नहीं
संवाददाता विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
लोगों को लगातार बना रहे ठगी का शिकार; गुपचुप कर रहे चोरी, सावधान रहने की सलाह
शिमला :फर्जी ऐप के जरिए शातिर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। प्ले स्टोर में आठ ऐप ऐसे मिली हैं, जिनके जनिए ठग लोगों का डाटा चुरा रहे हैं। प्ले स्टोर में एक नया मालवेयर मिला है, इस नए मालवेयर से आठ ऐप प्रभावित हुई हैं। ये आठ ऐप्स लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। साइबर ठग इन ऐप के जरिए लोगों के मैसेज पढ़ रहे थे और उनका डाटा चुरा रहे थे। गूगल ने प्ले स्टोर से कुछ ऐप्स को हटा दिया है। इन ऐप में ऑटोलोक्स मालवेयर के होने की जानकारी मिली थी। इन खतरनाक ऐप की जानकारी मिलते गूगल ने इन्हें प्ले स्टोर से हटा दिया है। यह एक नया मालवेयर था, जो यूजर्स के मैसेज पढ़ रहा था और उन्हें प्रीमियम सर्विस के लिए सब्सक्राइबर करवा रहा था। एक या दो नहीं, बल्कि इस मालवेयर से आठ ऐप्स प्रभावित थे। बताया जा रहा है कि गूगल प्ले स्टोर से हटाए जाने से पहले इन ऐप्स को 30 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका था। इस मालवेयर से प्रभावित हुए दो ऐप्स अब भी प्ले स्टोर पर एक्टिव हैं और इन ऐप्स को अपने फोन में रखना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। साइबर सैल शिमला द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में इन आठ ऐप्स के नाम बताए गए हैं।
जो इस मालवेयर से प्रभावित हैं और अगर आपके फोन में भी इनमें से कोई ऐप है, तो आपको ऐसे ऐप को तुरंत हटा देना चाहिए। इन ऐप्स को अपने फोन में रखना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। वीलोग स्टार वीडियो एडिटर इस ऐप को एक मिलियन यानी 10 लाख लोगों द्वारा डाउनलोड किया गया है। जीआईएफ क्रेटीव थ्रीडी लांचर ऐप भी 10 लाख यानी एक मिलियन लोगों द्वारा डाउनलोड किया गया है। वायओ ब्यूटी कैमरा इस ऐप को एक लाख बार डाउनलोड किया गया है। जीआईएफ इमोजी कीबोर्ड इस एंड्रॉयड ऐप को भी एक लाख लोगों ने अपने मोबाइल में डाउनलोड किया है। फ्रीगलो कैमरा वी वन इस ऐप को प्ले स्टोर से पांच हजार लोगों ने डाउनलोड किया हुआ है।
सीओसीओ कैमरा वी वन ऐप को एक हजार लोगों ने गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया है। फन्नी कैमरा वाए कीले टच, रेजर कीबोर्ड एंड दैम वाए आरएक्स चीलडीओला को तुरंत फोन से हटा दें। उधर, डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला का कहना है कि ये ऐप्स यूजर्स से परमिशन मांगते हैं और फिर परमिशन मिलने के बाद यह वायरस टेक्स्ट मैसेज पढ़ता है और आपका निजी डेटा भी चुरा लेता है। उन्होंने कहा कि कई बार तो ये वायरस आपके बिना जानकारी के प्रीमियम सर्विस को भी सब्सक्राइब कर देता है।
