Himachal Pradesh

प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना से बनी दस सडक़ें जांच में फेल

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42 सडक़ों की राष्ट्रीय स्तरीय जांच में सामने आई खामियां, कुल्लू-किन्नौर-चंबा-कांगड़ा-शिमला में उठे सवाल

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना में बड़ी खामियां उजागर हुई हैं। राष्ट्रीय स्तर की जांच में दस सडक़ें फेल हो गई हैं। नेशनल क्वालिटी मानिटर के माध्यम से 42 प्रोजेक्ट की जांच की गई है। इस जांच में सबसे ज्यादा आठ सडक़ें मेनटेनेंस वर्क की हैं, जबकि एक सडक़ की जांच कार्य खत्म होने के बाद की गई है और एक अन्य आउटगोइंग प्रोजेक्ट है। नेशनल क्वालिटी मानिटर की रिपोर्ट में कांगड़ा की स्थिति काफी खराब नजर आई है। कांगड़ा में मेनटेनेंस वर्क के अधीन एक ही कार्य चल रहा है और वो भी असंतोषजनक पाया गया है, जबकि कांगड़ा में पूरे हो चुके एक प्रोजेक्ट में जांच के दौरान खामियां मिली हैं। जबकि कुल्लू और किन्नौर में तीन-तीन कार्य असंतोषजनक पाए गए हैं।
किन्नौर में पीएमजीएसवाई के 12 कार्यों की जांच के दौरान तीन का काम सही नहीं पाया गया। जबकि चंबा में भी एक कार्य ठीक नहीं हुआ है। इस रिपोर्ट के बाद पीडब्ल्यूडी और ग्रामीण विकास मंत्रालय की टीमें औचक निरीक्षण करेंगी, जिन ठेकेदारों के माध्यम से काम पूरे किए हैं उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। पीएमजीएसवाई में कुल 11 मेनटेनेंस वर्क की जांच की गई है और इनमें से आठ प्रोजेक्ट सही नहीं हैं। एक दर्जन कार्यों की जांच के बाद नेशनल क्वालिटी मानिटर की तैयार रिपोर्ट हिमाचल और केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सुधार के फैसले आगामी चरण में लिए जाएंगे। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना में हिमाचल को 3100 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट जारी किए हैं।
इन प्रोजेक्ट से पहले भी प्रदेश में पीएमजीएसवाई चरण एक और दो का काम चल रहा है