कांगड़ा फोरलेन टनल आर-पार, 45 मिनट का सफर 15 मिनट में
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे,
एनएचएआई निदेशक विक्रम सिंह मीणा और आरओ शिमला अब्दुल वासित ने किया शुभारंभ
मटौर-शिमला एनएच पर कांगड़ा के दौलतपुर से तरसूह को जोडऩे वाली दोनों सुरंगों के छोर आपस में मिल गए हैं। इस मौके पर एनएचएआई के परियोजना के निदेशक विक्रम सिंह मीणा व आरओ शिमला अब्दुल वासित ने रिब्बन काटकर टनल को ब्रेक थ्रू किया। कांगड़ा टविन ट्यूब टनल के भीतर विधिवत हवन यज्ञ कर इसके दूसरे छोर को खोला गया। उन्होंने बताया कि यह सुरंग कांगड़ा बाइपास पर बनाई जा रही है, जो रानीताल से कांगड़ा फोरलेन परियोजना का ही भाग है। इस परियोजना के पूरा होने पर रानीताल और कांगड़ा के बीच की लंबाई छह किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय 45 मिनट से घटकर केवल 15 मिनट रह जाएगा। रिबन काटने के बाद परियोजना निदेशक विक्रम सिंह मीणा ने कहा कि दिंसबर तक सुरंग से यातायात बहाल करने का लक्ष्य है। सुरंग से यातायात बहाल होने के बाद लोगों को तीखे मोडों में सफर से निजात मिलेगी। विभाग की यह कोशिश रहेगी कि अगले छह महीनों में टनल को खोल दें। इस अवसर अब्दुल बासित आरओ शिमला एएनएचएआई, विक्रम सिंह मीना परियोजना निदेशक एनएचएआई, संजय ओहरी टीम लीडर आईसीट, कवि राज परियोजना प्रबंधक (गाबर कंस्ट्रक्शन), नाइन पावर इन्फ्रा के अरुण कुमार, टनल प्रोजेक्ट मैनेजर अच्छूतन सहित कंपनी के सभी अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
प्रदेश में 11 सुरंगों का काम पूरा, 27 का काम जारी
इस टनल में एनएटीएम की तकनीक का प्रयोग किया गया है। हिमाचल में करीब 68 सुरंगों का प्रोजेक्ट है। इनमें से 11 का काम पूरा है, 27 का काम चला है। जबकि 30 की डीपीआर बन गई हैं। इसके अलावा मंडी के छह मील के पास भी टनल बना रहे हैं।
