नीट पेपर लीक जांच टीम में IIT Delhi भी शामिल, केंद्रीय बजट आज, ऊर्जा नीति बदलेगी सरकार
सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा में दो जवाबों वाले सवाल की जांच की सौंपी जिम्मेदारी
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच में अब सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी दिल्ली को भी शामिल कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिजिक्स के दो सही ऑप्शन वाले क्वेश्चन नंबर 19 की पड़ताल होनी चाहिए। दो सही ऑप्शन देने से 44 छात्रों को बोनस माक्र्स मिले और 4.2 लाख कैंडिडेट्स को नुकसान हुआ है। इस पर आईआईटी दिल्ली के एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए। कोर्ट ने आदेश दिया कि आईआईटी दिल्ली के डायरेक्टर दो जवाबों वाले सवाल की जांच के लिए तीन मेंबर्स की एक्सपर्ट कमेटी बनाएं। एक्सपर्ट टीम उनमें से एक सही ऑप्शन चुनकर मंगलवार 12 बजे तक रजिस्ट्रार को अपनी राय भेजें। इसके साथ ही मंगलवार तक के लिए सुनवाई भी टाल दी। सोमवार को अदालत में दिलचस्प सुनवाई देखने को मिली। कोर्ट में याचियों के वकील नरेंद्र हुड्डा ने दलील दी कि एनसीईआरटी के एक सवाल के चलते 44 लोगों को टॉप रैंक मिल गई है।
इस सवाल के दो जवाब सही माने जा रहे हैं। ऐसे में किसी एक जवाब को ही सही माना जाए और उस पर स्पष्टता होनी चाहिए। इसी तर्क पर अदालत ने दिल्ली आईआईटी को एक्सपट्र्स की कमेटी बनाने को कहा है। इस दौरान एनटीए की ओर से पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने माना कि देश के आठ सेंटरों पर गलत प्रश्न पत्र बंट गया, लेकिन दोनों का लेवल एक जैसा ही था। ऐसे छात्रों की संख्या भी 3000 के करीब ही थी। ऐसे में एनटीए का यह फैसला सही है कि इन छात्रों को भी बने रहने दिया जाए।
