दिल्ली से लौटे CM Sukhu, आज पहुंचेंगे हिमाचल
नई ताजपोशी और संगठन में बदलाव पर चर्चा का दौर शुरू
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली के दौरे से वापस लौट आए हैं। हालांकि मौसम खराब होने की वजह से वह रविवार को शिमला नहीं पहुंच पाए। मुख्यमंत्री सोमवार को शिमला वापस आ सकते हैं। मुख्यमंत्री दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में हिस्सा न लेकर पार्टी के आला नेताओं से मुलाकात की है। वह राहुल गांधी से मिले हैं और इस दौरान हिमाचल में सरकार और संगठन के कामकाज की रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने उन्हें दी है। प्रदेश में लोकसभा चुनाव में चारों सीटें हारने के बाद दिल्ली में हिमाचल को लेकर चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन प्रदेश में नौ सीटों पर हुए उपचुनाव में से छह पर जीत दर्ज कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हिमाचल में सरकार बचाने का भी काम किया है। वह उपचुनाव के दौरान स्टार प्रचार की भूमिका में थे। हिमाचल में लोकसभा चुनाव के साथ ही छह सीटों पर उपचुनाव भी हुए हैं और इस दौरान प्रदेश में रणनीतिक तौर पर सरकार बचाने के लिए किए गए प्रयास कारगर साबित हुए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन सभी बातों को लेकर चर्चा हाइकमान से की है।
प्रदेश मंत्रिमंडल में एक पद अभी भी खाली है, जबकि विभागों में अध्यक्ष के तौर पर संगठन के पदाधिकारियों की ताजपोशी होनी है। हिमाचल में राज्यसभा की सीट हारने के कारणों की भी तलाश पार्टी ने पूरी कर ली है और इसकी रिपोर्ट हाइकमान को सौंपी जा चुकी है। इन सब के बीच प्रदेश संगठन में बदलाव की सुगबुगाहट भी इस मुलाकात के बाद बढ़ गई है। गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रतिभा सिंह को प्रदेशाध्यक्ष तैनात किया गया था। कांग्रेस में प्रदेशाध्यक्ष की तैनाती तीन साल के लिए होती है और अगले साल उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है। फिलहाल, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सोमवार को शिमला लौट आएंगे।
घर बनाने को 1150 परिवारों को दिए 17 करोड़
हिमाचल सरकार ने स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत प्रदेश के 1150 परिवारों को घर बनाने के लिए डेढ़ लाख रुपए की धनराशि दी है। इस काम पर 17 करोड़ से अधिक का धन खर्च किया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि समाज में सभी को समान अवसर और संसाधन उपलब्ध हो सकें। वर्तमान सरकार ने ऐसे वर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती आश्रय योजना के तहत 50 हजार रुपए से कम आय वाले अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों को घर के निर्माण के लिए 1.50 लाख रुपए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते वित्तीय वर्ष में 1,150 लाभार्थियों को आवास सुविधा के लिए 17.25 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। कमजोर वर्गों के बच्चों को प्रदेश सरकार नि:शुल्क कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। नाइलेट और सी-डेक द्वारा प्रदेश में संचालित 97 केंद्रों में कम्प्यूटर एप्लीकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और डिप्लोमा पाठ्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण को 24.45 करोड़ मंजूर
काजा में संयुक्त केंद्र के निर्माण पर 12.77 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार ने 24.45 करोड़ की 11 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त करने के लिए समर्पित है। इसके साथ ही प्रदेश सरकार का प्रयास है कि राज्य के हर व्यक्ति को समान अवसरों और संसाधनों की पूरी पहुंच हासिल हो।
