125 मौतें, 100 से ज्यादा लापता ,
चार गांव बहे; रेस्क्यू में जुटे सेना और एयरफोर्स के जवान, राज्य में दो दिन का राजकीय शोक
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
केरल के वायनाड में तेज बारिश की वजह से चार अलग-अलग जगहों पर हुए लैंडस्लाइड में चार गांव मलबे की चपेट में आ गए। घर, पुल, सडक़ें और गाडिय़ां बह गईं और 125 लोगों की मौत हो गई, 116 अस्पताल में हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर है। लैंडस्लाइड की ये घटनाएं मंगलवार तडक़े करीब तीन बजे की हैं। रेस्क्यू के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार काम कर रही हैं। इसके अलावा कन्नूर से आर्मी के 225 जवानों को भी वायनाड में रेस्क्यू के लिए भेजा गया है। इसमें मेडिकल टीम भी शामिल है। इसके अलावा एयरफोर्स के दो हेलिकॉप्टर भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए भेजे गए हैं। हालांकि बारिश की वजह से दोनों हेलिकॉप्टर को कोझिकोड लौटना पड़ा।
सेना की स्पेशल डॉग यूनिट के ट्रेंड डॉग्स, जिनमें बेल्जियन मैलिनोइस, लैब्राडोर और जर्मन शेफर्ड जैसी नस्लें शामिल हैं, वायनाड में भूस्खलन प्रभावित मेप्पाड़ी में राहत कार्य में मदद के लिए लगाए गए हैं। इधर, केरल सरकार ने इस हादसे के बाद राज्य में दो दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। वायनाड का मुंडक्कई गांव लैंडस्लाइड की वजह से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। यहां रेस्क्यू टीम सबसे बाद में पैदल ही पहुंची। मुंडकाई में करीब 250 लोगों के फंसे होने की खबर है। यहां कई घर बह गए है। यहां 65 परिवार रहते थे। यहीं पास के एक टी एस्टेट के 35 कर्मचारी भी लापता हैं।
पांच साल पहले इसी इलाके में लैंडस्लाइड से हुई थीं 17 मौतें
वायनाड के चार गांव मुंडकई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा में लैंडस्लाइड की चपेट में आए हैं। पांच साल पहले 2019 में भी भारी बारिश की वजह से इन्हीं गांवों में लैंडस्लाइड हुई थी, जिसमें 17 लोगों की मौत हुई थी। पांच लोगों का आज तक पता नहीं चला, जबकि 52 घर तबाह हुए थे।
