Himachal Pradesh

Valley Bridge: 20 करोड़ से नए वैली ब्रिज खरीदेगा विभाग

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सरकार ने लोक निर्माण विभाग को दी राशि, आपदा में बनेंगे सहारा

पिछले साल पीडब्ल्यूडी ने 18 करोड़ से खरीदे थे 12 पुल

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे

पीडब्ल्यूडी आगामी दिनों में 20 करोड़ रुपए के वैली ब्रिज की खरीद करेगा। राज्य सरकार ने विभाग को यह धनराशि प्रदान की है। इन वैली ब्रिज को तेज बहाव में ध्वस्त होने वाले पुलों की जगह स्थापित किया जाएगा। लगातार दो सालों में वैली ब्रिज की यह दूसरी बड़ी खरीद होगी। बीते साल आपदा के दौरान विभाग ने 18 करोड़ रुपए से 12 पुल खरीदे थे। इनमें से दो पुलों को स्थापित कर दिया था, जबकि दस पुल विभाग के पास सुरक्षित है। इनमें से तीन पुल अब रामपुर में कुरपण खड्ड पर स्थापित किए जाएंगे। गौरतलब है कि बीते साल पीडब्ल्यूडी ने कोलकात्ता की कंपनियों को वैली ब्रिज खरीद का टेंडर दिया था, जिन कंपनियों से यह खरीद पूरी की गई उनमें गार्डन एंड रीच से नौ जबकि रूफ एंड ब्रिज से तीन पुल खरीदे हैं। दोनों कंपनियां केंद्र सरकार को पुल की सप्लाई करती हैं। इन पुलों का इस्तेमाल सीमावर्ती क्षेत्रों में किया जाता है।

बॉर्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) भी कोलकात्ता की कंपनी में बने इन पुलों को पहाड़ी क्षेत्रों में लगा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इन पुलों के लिए धनराशि जारी की थी। हालांकि पिछले साल दो ही पुलों का इस्तेमाल हो पाया, लेकिन इस बार बादल फटने की घटना के बाद बर्बाद हुए तीनों पुल वैली ब्रिज के माध्यम से पूरे किए जा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता एनपी सिंह ने बताया कि विभाग ने वैली ब्रिज को स्थापित करने के लिए उचित दिशा-निर्देश दे दिए हैं। प्रदेश में कहीं भी कोई पुल गिरने से जुड़ा हादसा होता है, तो इसकी भरपाई वैली ब्रिज के माध्यम से की जाएगी। वैली ब्रिज को एक सप्ताह में तैयार किया जा सकता है।

वैली ब्रिज से करेंगे भरपाई

पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि बादल फटने की घटना और इसके बाद मानसून के दौरान जो भी पुल बह जाएंगे। पीडब्ल्यूडी उनकी भरपाई वैली ब्रिज से करेगा। पिछले साल भी वैली ब्रिज की खेप मंगवाई गई थी। इस बार दोबारा विभाग नए पुल खरीदने की योजना बना रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसके लिए 20 करोड़ रुपए की व्यवस्था की है। इन पुलों को खरीद कर हिमाचल में रखा जाएगा, ताकि जरूरत पडऩे पर इनका इस्तेमाल किया जा सके।

सीमेंट का पुल तैयार होते ही समेटा जा सकता है लोहे का ब्रिज

वैली ब्रिज पूरी तरह से लोहे से बना होता है। इसकी बिक्री कंपनी पुर्जों में करती है। इन पुर्जों को स्थापना वाली जगह लाकर आपस में जोड़ा जाता है। महज सात से दस दिन में यह पुल बनकर तैयार हो जाता है। पुलों पर भारी वाहनों को आसानी से गुजारा जा सकता है। जब सीमेंट का पुल बनकर तैयार हो जाता है, तो वैैली ब्रिज को हटाया जा सकता है और इसका दूसरी जगह इस्तेमाल किया जा सकता है।