हसीना बोलीं, मौजूदा हालात के लिए अमरीका जिम्मेदार
कहा, सेंट मार्टिन और बंगाल की खाड़ी अमरीका के लिए छोड़ देती, तो बच जाती सत्ता
हसीना का वीजा सस्पेंड किए जाने से अमरीका की ओर उठने लगी अंगुलियां
फिलहाल भारत में ही रहेंगी ब्रिटेन की भी शरण देने में दिलचस्पी नहीं
बांग्लादेश के मीडिया के एक वर्ग में सोमवार देर रात से अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना एक बयान प्रचारित हो रहा है, जिसमें श्रीमती हसीना ने देश में हुई घटनाओं के लिए विदेशी साजिश की ओर इशारा किया है तथा कहा है कि वह फिर से लौटेंगी और जो लोग ङ्क्षहसा कर रहे हैं, उन्हें सजा मिलेगी। हालांकि इस बयान के अधिकृत होने की पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही इसका कोई खंडन आया है। सोशल मीडिया पर बंगला भाषा में आए इस बयान में कहा गया है कि मैंने इस्तीफा दे दिया। अब आपको तो सिर्फ लाशों का जुलूस देखना है। वे आपकी (छात्रों की) लाशों पर सत्ता हासिल करना चाहते थे, मैंने इसकी इजा•ात नहीं दी। मैं सत्ता में जीत कर आई थी। यदि मैंने सेंट मार्टिन और बंगाल की खाड़ी को अमरीका के लिए छोड़ दिया होता, तो मैं सत्ता में बनी रह सकती थी। बयान में कहा गया कि कृपया खुद का इस्तेमान न होने दें। मैं यह कहने आई हूं कि जो लोग मेरे प्यारे बच्चों की लाशें बिछाएंगे, उन्हें सजा मिलेगी। शायद आज मैं देश में होती तो और अधिक जानें जातीं, अधिक संपत्ति नष्ट होती। इसलिए मैंने खुद को हटा लिया।
निराश मत होइए। मैं जल्द ही लौटूंगी इंशाअल्लाह। हार मेरी है, लेकिन जीत बांग्लादेश के लोगों की है। वे लोग जिनके लिए मेरे पिता और मेरे परिवार ने अपनी जान दे दी। मुझे खबर मिली है कि कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है और घरों में तोडफ़ोड़ और आग•ानी हुई है। अल्लाह आपकी मदद जरूर करेगा। मैं अपने युवा छात्रों से दोहराना चाहूंगी, मैंने आपको कभी रजाकार नहीं कहा। मेरे शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। मेरा आपसे अनुरोध है कि आप उस दिन का पूरा वीडियो देखें। एक दल ने आपको खतरे में डालकर आपका फायदा उठाया है। मुझे विश्वास है कि आप एक दिन इसका एहसास कर पाएंगे। इस प्रकार से इस बयान में अमरीका का नाम लिया गया है और सेंट मार्टिन द्वीप एवं बंगाल की खाड़ी में अमरीकी प्रभुत्व से इनकार करने और एक पार्टी द्वारा युवाओं को भडक़ाए जाने की बात कही गई है। गौर हो कि मौजूदा हालातों के बीच अमरीका ने हसीना का वीजा भी सस्पेंड कर दिया है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि बांग्लादेश में तख्तापलट के पीछे अमरीका की साजिश हो सकती है। फिलहाल शेख हसीना के भारत में ही रहने की उम्मीद है, क्योंकि ब्रिटेन उसे शरण देने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है।
