HP News: प्रसव के लिए चार घंटे पैदल चल अस्पताल पहुंची गर्भवति
मलाणा से जोखिम भरे रास्तों को पार कर सुरक्षित सडक़ तक आई, स्वास्थ्य विभाग की टीम साथ
मलाणा की एक गर्भवती महिला को जोखिम भरे रास्ते से प्रसव के लिए अस्पताल लाया गया। जिस तारस्पेन से मलाणा गांव राशन पहुंचता है, मजबूरन उसी तारस्पेन में डालकर महिला को सबसे जोखिम भरे प्वाइंट को दूसरी तरफ पार करवाया गया। हालांकि इन तारस्पेनों में मात्र राशन, फल व सब्जियां ही ढोई जाती है, लेकिन मलाणा के लोगों ने पहली बार महिला को तारस्पेन में डालकर दूसरी तरफ पहुंचाया। महिला के परिजन भी इसी डगर से होकर आए। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इस दौरान साथ थी। महिला को कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जगह-जगह पर हालचाल भी पूछती रही। यही नहीं, तारस्पेन से उतरने के बाद भी महिला को गाड़ी तक पहुंचने के लिए जोखिम भरी राहों को पार करना पड़ा।
तीन-चार घंटों के बाद महिला सहित स्वास्थ्य विभाग कुल्लू की टीम चौहकी के समीप हनुमान मंदिर तक पैदल पहुंचे तो डा. हेमंत ठाकुर, फार्मेसी आफिसर महेश कुमार और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुंदर सिंह ने अपनी निगरानी में अपने वाहन में ही जरी पहुंचाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डा. नागराज पवार ने कहा कि उनकी टीम ने मलाणा से गर्भवती महिला को कड़ी चुनौती के बीच अस्पताल की ओर लाया है। मलाणा पंचायत के प्रधान राजू राम ने कहा कि शुक्रवार को मलाणा से गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है।
मलाणा में हेलिपैड का काम जोरों पर
मलाणा में हेलिपैड बनाने का कार्य ग्रामीण जोरों से कर रहे हैं। वहीं, एक-दो दिन में कार्य संपन्न होगा। मलाणा में अभी और भी गर्भवती महिलाएं हैं। ऐसे में हेलिकाप्टर सेवा जरूरी है। वहीं, राशन की भी अब मलाणा को बेहद जरूरत है।
