JOA 817 के बाद अब 903-939 का रिजल्ट
73 सरकारी विभागों को मिलेंगे कुल 1841 कर्मचारी, कैबिनेट सब-कमेटी ने निकाला था रिजल्ट का रास्ता
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार राज्य चयन आयोग ने शुक्रवार को जूनियर ऑफिस अस्सिटेंट आईटी पोस्ट कोड 817 का रिजल्ट घोषित कर दिया। इसके जरिए कुल 73 विभागों को 1841 कर्मचारी मिल जाएंगे। राज्य चयन आयोग अब जूनियर ऑफिस असिस्टेंट 903 और 939 का रिजल्ट घोषित करने की प्रक्रिया में है। बता दें कि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बनाई गई कैबिनेट सब-कमेटी ने इस भर्ती प्रक्रिया को क्लियर किया था। रिजल्ट निकालने के बाद कैबिनेट सब कमेटी के मेंबर और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘इन अभ्यर्थियों से जो वादा किया था, वह आज पूरा हुआ’। रिजल्ट घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी सोशल मीडिया के जरिए पास अभ्यर्थियों को बधाई दी। राज्य चयन आयोग अब दस्तावेजों को सभी विभागों को रिजल्ट के साथ भेजने की प्रक्रिया पूर्ण करने में लगा है।
यह मामला पहले भर्ती नियमों में उलझा रहा और उसके बाद पेपर लीक के कारण दिक्कत आई थी। अब जबकि रिजल्ट घोषित हो गया है, इसीलिए ऐसा किसी और पोस्ट कोड के साथ न हो, यह सबक लेने की जरूरत है। राज्य चयन आयोग अब जूनियर ऑफिस असिस्टेंट 903 और 939 का रिजल्ट जल्द घोषित करेगा। इसमें ज्यादा काम अब नहीं बचा है, लेकिन विजिलेंस से चि_ी के जवाब का इंतजार है। फिर नए मिले 21 पोस्ट कोड का रिजल्ट बनाने का काम शुरू होगा।
दो साल की हो गई नौकरी
चार साल बाद आए इस रिजल्ट में पास घोषित युवाओं में से कुछ ऐसे भी हैं, जो दो साल पहले किसी और विभाग में कमीशन पास कर नियुक्त हो गए और अब जेओए आईटी भी उनका क्लियर हो गया। सोशल मीडिया पर भी नियुक्त हुए जेओए आईटी का कहना है कि उन्हें दूसरे विभाग में रेगुलर हुए दो साल का समय हो गया है। ऐसे में अब जाकर ये रिजल्ट आया है। यानी पास घोषित कई अभ्यर्थी अब ये नौकरी ज्वाइन भी नहीं करेंगे।
सब-कमेटी के लिए चुनौती
डिप्टी चीफ मिनिस्टर मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में बनाई गई कैबिनेट सब-कमेटी के सामने बड़ी चुनौती पेपर लीक की एफआईआर में फंसे पोस्ट कोड हैं। कमेटी के पास अब पांच ऐसे पोस्ट कोड भी हैं, जिनमें चार में पेपर लीक की एफआईआर हैं और पांचवां जांच के अधीन है। इनमें रिजल्ट घोषित करने के लिए अब किसी रास्ते की तलाश है। इस कमेटी की बैठक अगले सप्ताह है, जिसमें विभाग को नए सिरे से फाइल बनाने को कहा जाएगा।
