नहीं बढ़ेगी क्लास फोर की रिटायरमेंट एज, सुप्रीम कोर्ट जाएगी प्रदेश सरकार
हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी प्रदेश सरकार
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
हिमाचल हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद हिमाचल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की रिटायरमेंट एज नहीं बढ़ेगी। हिमाचल सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग को सत्या देवी बनाम हिमाचल सरकार केस में स्पेशल लीव पिटीशन दायर करने के निर्देश दिए गए हैं। हिमाचल में वर्ष 2001 के बाद नियुक्त क्लास फोर सरकारी कर्मचारी 58 साल के बाद रिटायर हो रहे हैं, जबकि इससे पहले के कर्मचारी 60 साल में रिटायर हो रहे हैं। हिमाचल हाई कोर्ट ने मई, 2024 में दिए फैसले में सभी को 60 साल में रिटायर करने को कहा था। इस बारे में दायर 112 याचिकाओं का एक साथ निपटारा करते हुए हाई कोर्ट ने 21 फरवरी, 2018 को राज्य सरकार की तरफ से जारी उस अधिसूचना को भी रद्द कर दिया था, जिसमें यह व्यवस्था दी गई थी कि 10 मई, 2001 के बाद नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 58 वर्ष की आयु पूरी करने पर रिटायर किया जाएगा।
इस अधिसूचना को एक साथ कई याचिकाओं के माध्यम से हाई कोर्ट के समक्ष चुनौती दी गई थी। प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को लेकर हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को 60 साल की आयु पूरी होने पर ही रिटायर किया जाएगा। हाई कोर्ट ने कहा कि जिन कर्मचारियों को 60 साल की आयु से पहले रिटायर किया गया है, उन्हें वापस बुलाने के आदेश भी दिए थे। हाई कोर्ट ने कहा था कि 10 मई, 2001 के बाद जो सरकारी सेवाओं में लगे हैं, उन्हें भी अब 60 वर्ष की आयु पूरी करने पर सेवानिवृत्त किया जाएगा। इसके अलावा जिन चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को 60 वर्ष की आयु से पहले रिटायर कर दिया गया है, उन्हें वापस बुलाया जाए। साथ में ये भी आदेश दिए गए थे कि ऐसे कर्मियों को भी 60 साल पर ही रिटायर किया जाए। कोर्ट ने ऐसे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मुआवजे के तौर पर पेंशन काटकर दो साल की सैलरी देने के आदेश भी दिए थे, लेकिन राज्य सरकार इससे सहमत नहीं है। इसीलिए इस फैसले के खिलाफ दिल्ली जाने का निर्णय हुआ है।
