National

केंद्र सरकार का प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना पर बड़ा फैसला

Spread the love

हिमाचल को केंद्र का तोहफा, पीएमजीएसवाई की मियाद बढ़ी

केंद्र सरकार सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना यानी पीएमजीएसवाई पर बड़ा फैसला लिया है। परियोजना के पहले और दूसरे चरण में फंसे प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल गई है। अब इन प्रोजेक्ट का निर्माण 31 मार्च, 2025 तक पूरा हो पाएगा। इस फैसले का बड़ा फायदा हिमाचल समेत सभी राज्यों को होगा। इस संबंध में इन सभी राज्यों से प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए थे। बीते दिनों केंद्र सरकार ने इन प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी और अब इसकी अधिसूचना भी कृषि भवन दिल्ली से जारी हो गई है। इस अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय को लगातार प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के लंबित प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय देने के संबंध में पत्र प्राप्त हो रहे थे। इन पत्रों पर प्रतिक्रिया देते हुए अब केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई एक और चरण दो के लंबित प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया है। अब करीब आठ महीने इन प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए मिल जाएंगे। केंद्र सरकार ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि सभी प्रोजेक्ट को तय समय में पूरा किया जाए। प्रोजेक्ट मार्च, 2025 के बाद भी पूरे नहीं हो पाते हैं, तो इसके लिए राज्य सरकारें उत्तरदायी होंगी। देश भर में पीएमजीएसवाई के पहले चरण में 1297 और दूसरे चरण में 144 सडक़ प्रोजेक्ट पूरे नहीं हो पाए हैं। इनमें हिमाचल में पहले चरण के 93 सडक़ें लंबित हैं, जिनकी कुल दूरी 396.19 किलोमीटर है। वहीं, पीएमजीएसवाई में पांच प्रोजेक्ट के कुल 30.95 किलोमीटर की कुल लंबाई का निर्माण होना है।

गौर हो कि पीएमजीएसवाई के पहले चरण में हिमाचल को 3466 सडक़ों को मंजूरी दी गई थी। इन प्रोजेक्ट में 20 हजार, 603 किलोमीटर सडक़ों का निर्माण होना है। प्रदेश में अब तक इनमें से 3373 सडक़ों का निर्माण किया जा चुका है, जबकि 93 सडक़ें उन क्षेत्रों में हैं, जहां बर्फबारी अत्यधिक रहती है। पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण में 112 सडक़ प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी। इन प्रोजेक्ट में 1251 किलोमीटर सडक़ों का निर्माण होना था। इनमें से 107 सडक़ों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन प्रोजेक्ट में 1214 किलोमीटर सडक़ों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। पीएमजीएसवाई के दूसरे चरण में पांच सडक़ों का निर्माण नहीं हो पाया है और इन सडक़ों की कुल लंबाई 30.95 किलोमीटर है।

अब मानसून और बाद में बर्फबारी बढ़ाएगी चिंता

हिमाचल समेत पड़ोसी राज्यों में पीएमजीएसवाई के पहले और दूसरे चरण में जिन सडक़ों का निर्माण नहीं हो पाया है, उन्हें अब आगामी दिनों में राहत मिलने वाली है, लेकिन इसके साथ ही बड़ी चुनौती मानसून और बर्फबारी की भी रहेंगी। दरअसल, ये सडक़ें अत्यधिक ऊंचाई पर हैं और इनमें से कुछ जगहों पर तो साल में पांच से छह महीने तक ही काम किया जा सकता है, लेकिन पीडब्ल्यूडी केंद्र सरकार के इस फैसले को बड़ी राहत के रूप में देख रहा है। पहाड़ी राज्यों पर केंद्र सरकार की यह रियायत हुई है।

पहले चरण में किस राज्य के कितने प्रोजेक्ट

राज्य स्वीकृत पूरे हो चुके लंबित
जम्मू-कश्मीर 3093 2953 140
उत्तराखंड 2296 2201 95
हिमाचल 3466 3373 93
लद्दाख 128 121 07

दूसरे चरण में इन राज्यों को मिली इतनी परियोजनाएं

राज्य स्वीकृत पूरे हुए लंबित
उत्तराखंड 112 2201 95
जम्मू-कश्मीर 121 114 07
हिमाचल 112 109 03
लद्दाख 13 11 02