एचआरटीसी को घाटे से उबारने के लिए सरकार का फैसला
अब बाजार में मिलेंगे ग्रीन कार्ड
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
राज्य सरकार अनेक नवोन्वेषी कदम उठाकर, हिमाचल पथ परिवहन निगम को घाटे से उबारने और अपने पैरों पर खड़ा करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। निगम के माध्यम से इस संबंध में अनेक प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि प्रदेश के आम जनमानस को दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आवागमन की सेवाएं उपलब्ध करवाने के साथ ही निगम की कमाई को भी बढ़ाया जा सके। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में उठाए जा रहे प्रभावी कदमों में ग्रीन कार्ड की बिक्री बढ़ाना भी शामिल है। ग्रीन कार्ड की बिक्री को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए निगम ने मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों में अब ग्रीन कार्ड आम दुकानों में बिक्री के लिए उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है।
निर्णय के अनुसार अब कोई भी किरयाना दुकानदार या फिर अन्य किसी प्रकार का कारोबार करने वाला दुकानदार या अधिकृत व्यक्ति एचआरटीसी के एजेंट के रूप में कार्य कर एचआरटीसी की बसों में चलने वाले ग्रीन कार्ड बेच सकता है। इसके लिए निगम की ओर से कार्ड विक्रेता को प्रति कार्ड कमीशन निर्धारित की गई है। राज्य सरकार के इस निर्णय से मोबाइल फोन की सिम के तर्ज पर बाजार में कहीं भी, किसी भी दुकानदार, जो निगम के एजेंट के रूप में कार्य कर रहा होगा, उससे ग्रीन कार्ड लिया जा सकता है। इस बारे में डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक हुमेश कुमार का कहना है इससे एक ओर जहां निगम की आय में बढ़ोतरी होगी, वहीं दूसरी ओर बेरोजगारों के लिए रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
इतनी मिलेगी कमीशन
ग्रीन कार्ड विक्रेता को कार्ड बेचने की एवज में निगम द्वारा प्रति ग्रीन कार्ड कमीशन निर्धारित की गई है, जो पांच रुपए प्रति ग्रीन कार्ड देय हैं। दुकानदारों के अलावा, बसों में परिचालक के रूप में सेवाएं देने वाले कंडक्टरों को भी ग्रीन कार्ड बेचने के लिए अधिकृत किया गया है, जिन्हें भी निर्धारित कमीशन देय होगी।
कार्ड लेने की कोई सीमा नहीं
दुकानदारों या व्यक्ति के लिए निगम के कार्यालयों से बिक्री के लिए ग्रीन कार्ड प्राप्त करने की कोई सीमा नहीं है। कोई भी दुकानदार या व्यक्ति अपनी जरूरत के हिसाब से जितने चाहे, उतने ग्रीन कार्ड आगे बिक्री के लिए निगम के कार्यालयों से खरीद सकता है।
