Himachal News: हिमाचल विधानसभा में पहली बार शून्यकाल
प्रश्नकाल के ठीक बाद सदन में सवाल उठा पाएंगे सदस्य
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे,
हिमाचल विधानसभा में पहली बार शून्य काल की शुरुआत होने जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने शून्यकाल को 30 मिनट का करने की व्यवस्था दी है। साथ ही उन्होंने इसे बुधवार से ही लागू करने की भी बात कही है। अब बुधवार को इस व्यवस्था पर सत्ता पक्ष और विपक्ष अपनी प्रतिक्रिया देंगे। दोनों दलों के सदस्य शून्य काल के दौरान उठाए जाने वाले सवालों और इसके समय पर सदन में राय रखेंगे। इसके बाद सदन इस व्यवस्था को अमलीजामा पहनाएगा। हिमाचल विधानसभा में 1952 के बाद यह व्यवस्था पहली बार की गई है। इससे पहले शून्य काल नहीं होता था और प्वाइंट ऑफ आर्डर के माध्यम से ही सदस्य अपने सवाल उठा पा रहे थे। फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष की नई व्यवस्था के अनुसार शून्य काल प्रश्न काल समाप्त होने के ठीक बाद यानी 12 बजे से साढ़े 12 बजे तक रहेगा।
यह व्यवस्था इसी सत्र से लागू होगी और इस दौरान महत्त्वपूर्ण सवाल उठाए जा सकेंगे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने इस बारे में मंगलवार को सदन की कार्यवाही के बीच यह बात सदन में कही है। हिमाचल विधानसभा में लंबे समय से शून्य काल की मांग उठ रही थी। इससे पहले बजट सत्र के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष के बार-बार प्वाइंट ऑफ आर्डर लाने के चलते सदन को शून्य काल का सुझाव दिया था। उस समय विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भविष्य में शून्य काल को शुरू करने की बात कही थी। उन्होंने अब मानसून सत्र में इसे पूरा कर दिया है। शून्य काल में विपक्ष उन सभी सवालों के जबाव अब सरकार से मांग सकता है, जिन्हें पहले प्वाइंट ऑफ आर्डर के तहत उठाया जा रहा था। (एचडीएम)
पठानिया बोले, 30 मिनट का होगा शून्य काल
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने मंगलवार को सदन को नई व्यवस्था की जानकारी दी। सत्र के अंतिम पड़ाव तक विपक्ष की ओर से बार-बार हाथ उठाने का क्रम जारी रहने के बाद उन्होंने कहा कि वह सदन में नई व्यवस्था लाने जा रहे हैं। सदन में प्वाइंट ऑफ आर्डर का स्कोप बहुत कम है। इसलिए अब 30 मिनट का शून्य काल होगा। यह व्यवस्था बुधवार से ही लागू हो जाएगी। शून्यकाल की अवधि 30 मिनट की ही रहेगी।
