अब अपनी बिजली खुद बेचेगा हिमाचल बिजली बोर्ड
सरकार को वापस लेना पड़ा अपना फैसला
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
हिमाचल प्रदेश का बिजली बोर्ड अपनी बिजली खुद बेचेगा और सर्दियों में बिजली की खरीद भी खुद करेगा। सरकार को अपना पुराना फैसला वापस लेना पड़ा है क्योंकि सरकार द्वारा जो नया विंग बनाया गया था उसके पास शक्तियां नहीं हैं। इस पर बिजली नियामक आयोग ने सरकार को निर्देश दिए हैं कि बोर्ड द्वारा बेची व खरीदी जाने वाली बिजली के करार हिमाचल प्रदेश एनर्जी मैनेजमेंट सेल नहीं कर सकता है क्योंकि वह इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के प्रावधानों में शामिल नहीं है। ऐसे में बिजली बोर्ड से सिस्टम ऑपरेशन के जिस कार्यालय को इस सैल को ट्रांसफर किया गया है वो नहीं किया जा सकता और इसे वापस बोर्ड के पास ही रखा जाना चाहिए। इस पर सरकार ने फिलहाल इस वित्त वर्ष के लिए चीफ इंजीनियर सिस्टम आपरेशन के दफ्तर को वापस बिजली बोर्ड में समाहित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
साथ ही यह भी कहा है कि एक टास्क फोर्स बनाकर एनर्जी मैनेजमेंट सैल को क्रियाशील बनाने के लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के प्रावधानों को देखा जाए और उसके मुताबिक इस सैल को चलाया जाए। अगले वित्त वर्ष के लिए इसकी पुख्ता व्यवस्था करने को कहा है, ताकि चीफ इंजीनियर सिस्टम आपरेशन का कार्यालय इस नए बने सैल में स्थानांतरित किया जा सके। यह मामला पहले अदालत में गया था और वहां से बिजली नियामक आयोग के पास गया था। बिजली नियामक आयोग ने पाया कि सरकार द्वारा जो नया सेल गठित किया है उसके पास बिजली खरीदने व बेचने की शक्तियां नहीं हैं और बिजली एक्ट के मुताबिक वो किसी भी कंपनी या प्रदेश के साथ एग्रीमेंट नहीं कर सकता है। ऐसे में यहां सर्दियों के दिनों में हिमाचल को बिजली की जरूरत रहती है और तब बिजली का अरेंजमेंट बिजली बोर्ड करता है,
