हिमाचली सेब का रस लेगी टाटा कंपनी …
एचपीएमसी का प्लांट देखने पहुंचे कंपनी के अधिकारी, इस बार कम मिला फल
अब तक साढ़े 13 हजार मीट्रिक टन सेब मिला
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे
दो बहुराष्ट्रीय कंपनियों से बातचीत के बाद अब टाटा ने भी हिमाचल से एप्पल कंसंट्रेट लेने की इच्छा जताई है। टाटा कंपनी के अधिकारी एचपीएमसी के पराला प्रोसेसिंग प्लांट को देखने के लिए पहुंचे थे, जिन्होंने यहां पर विजिट करने के बाद अधिकारियों से बातचीत की है। माना जा रहा है कि उनके साथ जल्दी ही करार हो जाएगा, क्योंकि वह चाहते हैं कि यहां से सेब का कंसंट्रेट लिया जाए। इनसे पहले पारले कंपनी और डोहलर कंपनी के साथ भी बात हो चुकी है मगर अभी तक एग्रीमेंट की तरफ बात नहीं बढ़ पाई है। बताया जाता है कि अगले सप्ताह इस संबंध में दोनों कंपनियों के साथ बात होगी। वैसे इस बार एचपीएमसी के पास पिछले साल के मुकाबले सेब कम आया है।
एचपीएमसी को अभी तक साढ़े 13 हजार मीट्रिक टन सेब मिला है, जिसमें से उसके तीनों प्रोसेसिंग प्लांट्स में 12 हजार मीट्रिक टन सेब को क्रश कर दिया है। इसमें से 1100 मीट्रिक टन सेब कंसंट्रेट तैयार भी कर लिया है। यदि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ करार हो जाता है, तो इस कंसंट्रेट को उन्हीं को बेचा जाएगा अन्यथा एचपीएमसी अपने उत्पाद बना कर मार्केट में बेचेगा। एचपीएमसी के पास अब ज्यादा क्षमता के प्लांट्स हैं। पराला में प्रोसेसिंग प्लांट शुरू होने से उसे और ताकत मिली है। इसकी कुल क्षमता अब 39 हजार मीट्रिक टन एप्पल कंसंट्रेट बनाने की हो चुकी है मगर इस बार इस पूरी क्षमता का उपयोग शायद ही हो पाएगा।
एचपीएमसी को कम मिला स्टॉक
बागबान एचपीएमसी के पास उस मात्रा में सेब नहीं ला रहा है, जैसा पिछले सालों में आता था। एमआईएस के तहत तब डी ग्रेड सेब भी बेच दिया जाता था मगर इससे सरकार को नुकसान था। हालांकि एमआईएस योजना बागबानों के हितों को देखते हुए ही बनाई है, परंतु इस बार सरकार ने मापदंड बदल दिए हैं।
टाटा कंपनी से चल रही बात
टाटा कंपनी के साथ हुई बातचीत कब तक सिरे चढ़ती है यह देखना होगा। इनके साथ करार होता है, तो डिमांड के मुताबिक एचपीएमसी एप्पल कंसंट्रेट तैयार करने की ओर बढ़ेगा। फिलहाल उसके प्रोसेसिंग प्लांट्स में सेब को क्रश करने का काम तेजी के साथ हो रहा है। 12 हजार मीट्रिक टन सेब क्रश कर लिया है।
टाटा कंपनी के पदाधिकारी पराला प्रोसेसिंग प्लांट का दौरा करके गए है। दो अन्य कंपनियां के साथ भी बातचीत चल रही है। जल्दी ही बड़ी कंपनियों को एप्पल कंसंट्रेट बेचना शुरू कर देंगे
सुदेश कुमार मोख्टा, एमडी, एचपीएमसी
