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परियोजना टनल निर्माण के चलते गरोला का प्राकृतिक जल स्रोत सूखा लोगों में रोष 

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जनजातीय क्षेत्र भरमौर में जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण का खामियाजा यहां के लोगों को अपने प्राकृतिक जल स्रोतों को गंवाकर चुकाना पड़ रहा है 240 मैगावाट क्षमता वाली कुठेड़ हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की टनल निर्माण के चलते ग्राम पंचायत गरोला का मुख्य जल स्रोत कुछ दिन पहले सूख गया है इस जल स्रोत के सूखने पर स्थानीय लोगों में कम्पनी प्रबंधकों के प्रति खासा रोष है बता दें कि इससे पहले इस परियोजना निर्माण की भेंट ग्राम पंचायत लामू में भी प्राकृतिक जल स्रोत सूख चुके है उधर गरोला के लोगों का कहना है कि परियोजना निर्माण के चलते इस जल स्रोत का पानी सूख गया है इसलिए इसके स्थान पर पानी की व्यवस्था मुहैया करवाई जाए उनका कहना है कि जब कुठेड़ हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य के लिए जो अनापति प्रमाण पत्र जारी किया गया था उसमे भी पंचायत के जल स्रोत सूखने की सूरत पानी मुहैया करवाने की सहमति कम्पनी प्रबंधकों ने दी थी लिहाजा अब इस स्थान पर पानी मुहैया करवाने की जिमेदारी पूरी तरह कम्पनी प्रबंधकों की है।