Himachal Pradesh

अब हिमाचल में भी बन सकेंगे 20 मंजिला कामर्शियल भवन !

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राज्य सरकार ने व्यवसाय, होटल, उद्योगों के लिए संशोधित रूल्स का ड्राफ्ट किया जारी

जियोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन सॉयल टेस्ट और स्ट्रक्चरल डिजाइन रिपोर्ट जरूरी होगी
प्रस्तावित संशोधन पर 30 दिन के भीतर आपत्ति और सुझाव दे सकते हैं हिमाचली

विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

हिमाचल में पहली बार 20 मंजिला ऊंचाई तक कामर्शियल भवन बनाने की अनुमति मिलने वाली है। हिमाचल सरकार ने भारत सरकार की एक स्कीम के उचित उपयोग के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग रूल्स 2014 में संशोधन करने का फैसला किया है। इस संशोधन का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है और लोगों से आपत्तियां 30 दिन के भीतर देने को कहा गया है। इस योजना के तहत प्रदेश 400 करोड़ का दावा कर सकेगा। यह नोटिफिकेशन टीसीपी सचिव देवेश कुमार की ओर से जारी हुई है। इसके तहत हिमाचल में चिन्हित स्थानों पर औद्योगिक, टूरिज्म यूनिट्स और कामर्शियल भवन बनाने के लिए वर्टिकल कंस्ट्रक्शन हो सकेगी। इसके लिए फ्लोर एरिया रेशो फार्मूले में भी छूट मिलेगी। राज्य सरकार स्पेशल कामर्शियल बिल्डिंग के लिए अब भवन की ऊंचाई 50 मीटर तक हो सकती है और अधिकतम मंजिलें 13 से 14 तक संभव हैं।

इसके लिए भूमि की स्लोप 15 डिग्री से कम और रोड विडथ 18 मीटर होनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्र में भूमि की स्लोप 20 डिग्री से कम चाहिए। इसके लिए जियोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन, सॉयल टेस्ट और स्ट्रक्चरल डिजाइन रिपोर्ट भी थर्ड पार्टी से ऑडिट होगी। दूसरी कैटेगरी में सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट और ट्रांसिट ओरिएंटेड डिवेलपमेंट कॉरिडोर के लिए कमर्शियल भवन की ऊंचाई 60 से 70 मीटर हो सकती है, जबकि मंजिलें 18 से 20 तक बनाई जा सकेंगी। इस कॉरिडोर में फोरलेन, नेशनल हाई-वे और स्टेट हाई-वे भी शामिल होंगे। इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि की स्लोप 10 डिग्री से कम और रोड विडथ 24 मीटर होनी चाहिए। जियोलॉजिकल इन्वेस्टिगेशन और स्ट्रक्चरल डिजाइन यहां भी जरूरी है। इसके अलावा राज्य सरकार ने उद्योगों की किसी कैटेगरी के लिए भवन निर्माण से अप्पर लिमिट हटा दी है यानी फ्लोर एरिया रेशो के हिसाब से कितनी भी मंजिलें बनाई जा सकती हैं। इन नियमों में एक और प्रावधान किया है कि इंडस्ट्रियल जोन में भी अब होटल और डॉरमेट्री इत्यादि का निर्माण हो सकेगा और यह संबंधित अंतरिम डिवेलपमेंट प्लान का हिस्सा होगी।

इसलिए करना पड़ा बिल्डिंग प्लान में संशोधन

टीसीपी के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार ने राज्यों को स्पेशल असिस्टेंस देने के लिए कैपिटल इन्वेस्टमेंट की एक स्कीम घोषित कर रखी है, जिसके तहत हिमाचल भी 400 करोड़ पर दावा कर सकता है। यह राशि भी एकमुश्त मिलनी है। इस पैसे के लिए भारत सरकार ने बिल्डिंग रेगुलेशन में चार तरह के रिफॉर्म करने को कहा है। ये रिफॉम्र्स टूरिज्म और बिल्डिंग प्लान में किए गए हैं। भारत सरकार चाहती है कि फ्लोर स्पेस का लॉस कम करने के लिए वर्टिकल ग्रोथ की जाए। हिमाचल पहाड़ की जरूरत के अनुसार सभी नियमों का पालन करते हुए इस स्कीम को लागू करेगा। फाइनल नोटिफिकेशन के बाद भारत सरकार से राशि क्लेम की जाएगी।