Himachal Pradesh

दीपावली से पहले बंधी यह आस, हिमाचल सरकार ने 600 करोड़ का लोन किया नोटिफाई

Spread the love

हिमाचल सरकार ने 600 करोड़ का लोन किया नोटिफाई

भारत सरकार ने भी जारी की एक महीने की एडवांस किस्त

खाते में आएंगे 2000 करोड़ लोन लिमिट बची 1000 करोड़

विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

हिमाचल सरकार दीपावली से पहले ओल्ड पेंशन के तहत आने वाले लाखों कर्मचारियों को भी महंगाई भत्ते का कुछ भुगतान कर सकती है। इसके लिए वित्तीय संसाधनों का इंतजाम होता हुआ दिख रहा है। एक तरफ राज्य सरकार ने गुरुवार को 600 करोड़ रुपए का लोन लेने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है, दूसरी तरफ भारत सरकार ने भी करों में राज्य के हिस्से के तौर पर एक एडवांस किस्त देने का फैसला किया है। इन दो कदमों से राज्य के कोषागार में इतना बैलेंस हो गया है कि सैलरी के साथ कोई और वित्तीय लाभ देने की संभावना बन सकती है। हिमाचल सरकार ने इस महीने 600 करोड़ लोन लेने का निर्णय लिया है, जबकि पिछले महीने 700 करोड़ लोन लिया गया था। गुरुवार को इसे नोटिफाई कर दिया गया है और एक हफ्ते के भीतर रिजर्व बैंक आफ इंडिया की बोली के जरिए या पैसा आ जाएगा। हालांकि 600 करोड़ लोन इस महीने लेने के बाद अगले दो महीने के लिए राज्य के पास 1000 करोड़ की लोन लिमिट ही बची है। दिसंबर के बाद की आखिरी तिमाही के लिए अलग से लोन लिमिट भारत सरकार नोटिफाई करेगी। दूसरी तरफ, गुरुवार को ही केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने राज्य को टैक्स में हिस्से के तौर पर 1,78,173 करोड़ रुपए जारी करने का फैसला किया है।

इसमें एक रेगुलर किस्त है और एक एडवांस किस्त जारी की गई है। हिमाचल को करों में हिस्से के तौर पर हर महीने 740 करोड़ केंद्र सरकार से मिलते हैं, लेकिन इस बार हिमाचल को 1480 करोड़ मिल रहे हैं। हालांकि इस कारण अगले महीने की किस्त फिर नहीं आएगी। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि राज्यों को फेस्टिवल सीजन से पहले अपने खर्च चलाने और पूंजीगत खर्च बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार यह एडवांस किस्त दे रही है। इस एलोकेशन में सबसे ज्यादा 31962 करोड़ उत्तर प्रदेश को मिले हैं, जबकि सबसे कम 688 करोड़ गोवा को दिए गए हैं। यह धनराशि सरकारी खाते में आने के बाद राज्य सरकार को निर्णय लेना है कि महंगाई भत्ते या वेतन आयोग एरियर में से किस देनदारी को कम करने का फैसला लिया जाएगा। राज्य के कर्मचारी दीपावली पर सामान्य तौर पर महंगाई भत्ते की लंबित किस्त मिलने की उम्मीद में रहते हैं। इन कर्मचारियों का 12 फीसदी डीए अभी बकाया है और पिछली एक किस्त का एरियर भी अभी राज्य सरकार ने नहीं दिया है।