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नहीं रहे हिमाचल के ‘बिस्मिल्ला खां’ सूरजमणि, प्रदेश में शोक की लहर

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बिलासपुर एम्स में इलाज के दौरान शहनाई वादक ने तोड़ा दम, प्रदेश में शोक की लहर

विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध शहनाई वादक एवं प्रदेश के बिसिमल्ला खां कहलाए जाने वाले सूरजमणि का गुरुवार रात बिलासपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। करीब 65 साल के सूरजमणि अपने पीछे पत्नी व परिवार को छोड़ गए हैं। इनकी मौत को लेकर समूचे चच्योट क्षेत्र में मातम छा गया है। गोहर उपमंडल के चच्योट कस्बे के मशहूर कलाकार सुरजमणि तीन दशक से अधिक समय से शहनाई वादन में चार हजार से अधिक हिमाचली गानों में अपनी कला का जादू बिखेर चुके हैं। नौ साल की उम्र से सुरजमणि ने शहनाई बजाना शुरू किया था।

हिमाचल के हर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के मेले की शुरुआत इनकी शहनाई से ही हुआ करती थी। फिल्म अभिनेता सनी देओल भी इनकी शहनाई की सुरीली आवाज के कायल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के अग्रणी मीडिया ग्रुप ‘दिव्य हिमाचल’ द्वारा भी इन्हें हिमाचल एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें कई सम्मान विभिन्न मंचों पर मिले।

बता दें सुरजमणि पंजाब, दिल्ली सहित अन्य पड़ोसी राज्यों में भी कई उत्सवों और विश्वविद्यालय में अपना कार्यक्रम पेश कर अपनी छाप छोड़ चुके है। इनके आकस्मिक निधन को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, स्वयसेवी संगठनों से जुड़े लोगों, पंचायत प्रतिनिधियों सहित समाज से जुड़े अन्य कई लोगों ने सुर्जमणि के निधन को लेकर दुख प्रकट किया है। बता दें शुक्रवार प्रात उनका दाह संस्कार उनके पैतृक श्मशानघाट छमयात्री में कर दिया गया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में भूप सिंह व वीरी सिंह दोनो पुत्रों ने अपने पिता सूरजमणि के शव को मुखाग्नि दी।