Himachal Pradesh

Himachal News : मानसून के जख्म देखने आज आएगी केंद्रीय टीम

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शिमला-मंडी-कुल्लू जिला में नुकसान का लेंगे जायजा

सरकार ने 1360 करोड़ बनाई है नुकसान की रिपोर्ट

केंद्रीय टीम की सिफारिश पर मिलेगी दिल्ली से मदद

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे

हिमाचल में मानसून में हुए नुकसान का जायजा केंद्र सरकार की टीम लेगी। दिल्ली से टीम गुरुवार को हिमाचल पहुंच रही है। यह टीम तीन जिलों शिमला, मंडी और कुल्लू का दौरा करेगी। यहां मानसून के दौरान बादल फटने की वजह से हुए नुकसान का जायजा लेने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और बाद में रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी और केंद्र सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर हिमाचल को आर्थिक मदद भेजेगी। तीनों जिलों में बादल फटने के बाद जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि मानसून के दौरान एक ही दिन में तीन जिलों में बादल फटने की घटना पेश आई थी। पहली अगस्त को हुई इस घटना में 55 लोग लापता हो गए थे। इनमें कुल्लू के तीन लोगों समेत सबसे ज्यादा 36 शिमला के समेज से जबकि कुल्लू से नौ और मंडी से दस लोग लापता हुए थे। इसके बाद छेड़े गए खोज अभियान में शिमला से 23 शव बरामद किए थे,जबकि मंडी से नौ लोगों की तलाश पूरी कर ली गई थी। जो शव बरामद हुए थे उन्हें डीएनए जांच के बाद परिजनों को सौंपा गया था।

बाद में रेस्क्यू आपरेशन को रोक दिया गया और अभी भी जो लोग लापता हैं, उनके परिजनों को कोई राहत राज्य सरकार की तरफ से नहीं मिल पाई है। मानसून सीजन के दौरान प्रदेश भर में 1360 करोड़ रुपए के नुकसान आपदा प्रबंधन विभाग ने दर्ज किया है। अलग-अलग विभागों को हुए नुकसान की बात करें तो पीडब्ल्यूडी को 633 करोड़, जल शक्ति विभाग को 540 करोड़, बागबानी विभाग को 139 करोड़, कृषि विभाग को एक करोड़ 32 लाख, बिजली बोर्ड को 98 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। हिमाचल में 27 जून के बाद से अब तक 342 लोगों की मौत अलग-अलग वजहों से हुई है, जबकि 28 लोग अभी भी लापता हैं। राज्य सरकार ने हादसों की वजह से हुई मौत के मामले में अभी तक 13 करोड़ 68 लाख रुपए मुआवजे के तौर पर मृतकों के परिजनों को बांटे जा चुके हैं।

टीम को सौंपेंगे रिपोर्ट

आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक दुनी चंद राणा ने बताया कि केंद्र सरकार की टीम गुरुवार को पहुंचेगी। यह टीम बादल फटने की वजह से प्रभावित तीन जिलों शिमला, मंडी और कुल्लू का दौरा करेगी। राज्य की तरफ से नुकसान का आकलन कर लिया गया है और इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र से आने वाली टीम को सौंपी जाएगी। केंद्र सरकार की टीम अपने आधार पर निरीक्षण के बाद रिपोर्ट तैयार करेगी।