Himachal Pradesh

HRTC के बेड़े में शामिल 15 साल पुरानी 45 बसें होंगी बाहर, दीपावली के बाद नीलामी करेगा निगम

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15 साल पुरानी हो चुकी हैं बसें

नई बसों की नहीं हो पा रही खरीद

संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे

एचआरटीसी के पास लगातार बसों की कमी होती जा रही है। उसकी बसें पुरानी हो रही हैं और उन बसों को अब चलाया नहीं जा सकता। ऐसे में 45 बसों को अब कंडम किया जा रहा है जिनकी नीलामी दीपावली के बाद होगी। किस-किस डिपो में यह बसें हैं उनकी सूची तैयार हो चुकी है और उसकी औपचारिकताएं भी पूरी हो गई हैं। मगर मसला यह है कि एक तरफ बसें कम होती जा रही हैं और दूसरी तरफ एचआरटीसी बसों की खरीद नहीं कर पा रहा है। बसों की खरीद के लिए उसके प्रयास जारी हैं मगर अब तक यह सिरे नहीं चढ़ पाए हैं। फिलहाल हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के बेड़े में शामिल 15 साल पुरानी 45 बसों को बाहर किया जाएगा। प्रदेश के विभिन्न डिपुओं में ये बसें अभी रूटों पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। सडक़, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार 15 साल पुरानी हो चुकी इन बसों को हटाया जा रहा है। निगम ने जिलावार बसों की नीलामी का शैड्यूल भी तय किया है। पहले 20 अक्टूबर के बाद इनकी नीलामी होनी थी लेकिन दीपावली का पर्व नजदीक है और निगम प्रदेशभर से बाहरी राज्यों के लिए 100 से ज्यादा अतिरिक्त बसों को चला रहा है। इसके चलते अब 5 नवंबर के बाद इन बसों की नीलामी की जाएगी। निगम के बेड़े में 327 बसों को शामिल किया जाना है। इनके आने में कम से कम 4 से 6 महीनों का समय लगेगा। अभी रेट नेगोसिएशन के लिए कंपनियों के साथ बैठक चल रही है। ऐसे में निगम के पास बसों की कमी खल सकती है।

निगम के बेड़े में 134 के करीब बसें 15 साल पुरानी हो चुकी हैं जिन्हें हटाने की प्रक्रिया चली हुई है। अब महज 45 बसें बची हुई है जिन्हें हटाया जा रहा है। पुरानी बसों के हटने के बाद किसी तरह की दिक्कत न आए इसके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। निगम ने जो 107 रूट सरेंडर किए थे उसमें से 87 रूटों के आबंटन की प्रक्रिया चली हुई है। अगले सप्ताह तक इन्हें देने की तैयारी है ताकि निजी आप्रेटर बसें चलाए व निगम की बसें जो इन रूटों पर चल रही हैं वह स्पेयर हो सके। ऐसे में फिर उन बसों को कंडम कर दिया जाएगा। इससे पहले भी इसके लिए प्रबंधन से समय मांगा गया था जो नहीं मिल पाया। अब अलग-अलग तारीखें अगले महीने की गई हैं जहां अलग-अलग डिपो में बसों की नीलामी होगी।

निगम को अपनी व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी है कि नई बसें आएं। यहां पर इलैक्ट्रिक बसों का बेड़ा जुटाया जाना है और उन बसों के लिए टेंडर कर दिए गए हैं परंतु अब तक कंपनी फाइनल नहीं हो पाई है। मामला खरीद कमेटी को भेजा गया है और उसकी मंजूरी अभी तक नहीं मिली है। सरकार से इसकी इजाजत मिल चुकी है। इसके साथ 100 मिनी व मिडी बसें भी खरीदी जानी हैं जिसकी प्रक्रिया भी अधर में है। इसके साथ एचआरटीसी ने 24 वोल्वो की भी खरीद करनी है जिसकी प्रक्रिया भी चल रही है।