GST: केंद्र से हिमाचल तक आर्थिक उथल-पुथल पर छिड़ी बहस के बीच सामने आई बड़ी खबर, जानिए
आर्थिक उथल-पुथल के बीच आबकारी विभाग का रिकार्ड
जीएसटी से अक्तूबर माह में आया 308 करोड़ ज्यादा राजस्व
कमाऊ पूत की भूमिका में विभाग, भर दिया सरकार का खजाना
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे
केंद्र से हिमाचल तक आर्थिक उथल-पुथल पर छिड़ी बहस के बीच बड़ी खबर सामने आई है। आबकारी और कराधान विभाग ने रिकार्ड कायम किया है। राज्य सरकार के सबसे बड़े कमाऊपूत आबकारी और कराधान विभाग ने जीएसटी से राज्य सरकार का खजाना भर दिया है। विभाग ने बीते सात माह के आंकड़े सार्वजनिक किए हैं और इनमें 308 करोड़ रुपए की बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में अब तक विभाग 3654 करोड़ 49 लाख रुपए का राजस्व जुटा चुका है। जो पिछले साल के मुकाबले नौ फीसदी अधिक है। विभाग की इस कमाई में जीएसटी के माध्यम से 1821 करोड़ जबकि आईजीएसटी से 2006 करोड़ 11 लाख रुपए का राजस्व हासिल हुआ है। सात महीनों की इस कुल कमाई में से रिकवरी के तौर पर 173 करोड़ 60 लाख रुपए केंद्र को लौटाने पड़े है। इस वजह से प्रदेश में कुल कमाई का आंकड़ा 3654 करोड़ 49 लाख पर ठहर गया है। बीते साल विभाग ने सात माह की अवधि के दौरान 3346 करोड़ रुपए का राजस्व जुटाया था। इसमें 1769.75 जीएसटी से जबकि 1756.45 करोड़ आईजीएसटी से हासिल किए गए थे। विभाग को बीते साल 180 करोड़ 18 लाख रुपए बतौर रिकवरी के तौर पर केंद्र को वापस लौटाने पड़े थे। अकेले अक्तूबर महीने में जीएसटी की उगाही में पांच फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। आईजीएसटी में 16 फीसदी की बड़ी छलांग की वजह से अकेले अक्तूबर में 338 करोड़ 59 लाख रुपए की उगाही हुई है।
जबकि बीते साल अक्तूबर महीने में आबकारी और कराधान विभाग ने 292 करोड़ 76 लाख रुपए का राजस्व जुटाया था। दोनों साल में 45 करोड़ 83 लाख रुपए का अंतर देखने को मिला है। अक्तूबर महीने में कुल उगाही पर नजर डालें तो 542 करोड़ रुपए का राजस्व शामिल है। जबकि बीते साल 516 करोड़ 25 लाख रुपए का राजस्व ही विभाग हासिल कर पाया था। दोनों साल में 25 करोड़ 77 लाख रुपए का अंतर देखने को मिल रहा है। इस साल अक्तूबर माह में पांच फीसदी ज्यादा राजस्व की कमाई हुई है। गौरतलब है कि आबकारी और कराधान विभाग ने उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चला रखे हैं। इन अभियान के माध्यम से ग्रामीण से शहरी इलाकों और कारोबारियों को जीएसटी के संबंध में प्रशिक्षित किया जा रहा है। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी आह्वान किया है कि वे पक्का बिल लें। इससे पहले आबकारी कराधान विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षित भी किया गया था। राजस्व बढ़ोतरी में राज्य सरकार के फैसले भी कारगर साबित हो रहे हैं। विभाग के अधिकारियों की मानें तो प्रदेश सरकार ने पर्यटन स्थलों पर खरीददारी के लिए छूट दी है। कारोबारियों को चौबीस घंटे दुकानें खुली रखने के आदेश का असर साफतौर राजस्व बढ़ोतरी में नजर आ रहा है।
लक्ष्य तक पहुंचने का प्रयास जारी
आबकारी कराधान विभाग के राज्य आयुक्त युनुस के अनुसार आबकारी कराधान विभाग राजस्व बढ़ोतरी के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। जबकि कारोबारियों को भी जागरूक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके परिणाम राजस्व बढ़ोतरी के रूप में अब तक देखने को मिला है। आबकारी कराधान विभाग भविष्य में तय लक्ष्य को हासिल करके रहेगा। फिलहाल, अक्तूबर का महीना राजस्व में बढ़ोतरी के साथ खत्म हुआ है। अब विभाग की नजरें नवंबर के टारगेट पर हैं।
