हिमाचल हाई कोर्ट के आदेश, सभी से लेनदारियां वसूले पर्यटन विकास निगम
हाई कोर्ट के आदेश, सभी देनदारों को नोटिस देकर 48 घंटे में मांगा जाए भुगतान
संदीप भारद्वाज ट्राइबल टुडे
उच्च न्यायालय ने प्रदेश के विभागों से पर्यटन विकास निगम की करोड़ों रुपए की देनदारियों को वसूलने के आदेश जारी किए हैं। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल ने प्रदेश महाधिवक्ता को यह आदेश जारी किए कि वह यह सुनिश्चित करें कि मामले पर होने वाली अगली सुनवाई तक सभी विभागों द्वारा पर्यटन विकास निगम की तमाम देनदारियों का भुगतान कर दिया जाए। पर्यटन विकास निगम के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि 31 अगस्त, 2024 तक हिमाचल प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों पर पर्यटन विकास के लिए 4,13,41,848 रुपए की राशि बकाया है। इसी तरह निगम एवं निजी संस्थाओं पर 1,06,28,422 रुपए बकाया है।
इस प्रकार 31 अगस्त तक विविध देनदारों पर कुल मिलाकर 5,19,70,270 रुपए की राशि बकाया है। कोर्ट ने प्रदेश महाधिवक्ता को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पर्यटन विकास निगम को विभिन्न सरकारी विभागों पर बकाया 4,13,41,848 रुपए की राशि अगली तारीख से पहले तुरंत चुकाई जाए। पर्यटन निगम के प्रबंधक निदेशक को निर्देश दिए कि वह निगम के उन सभी परिसरों, इकाइयों के प्रबंधकों को बुलाए, जिन पर पैसा बकाया है और उन्हें तुरंत नोटिस जारी करें तथा 48 घंटों के भीतर भुगतान की मांग करें। ऐसा न करने पर उनका नाम सार्वजनिक किया जाए। सुनवाई की अगली तारीख तक न्यायालय के समक्ष तमाम ब्योरा पेश किया जाए।
प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव हलफनामा दायर करें
कोर्ट ने प्रदेश महाधिवक्ता को हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रधान सचिव, पर्यटन का एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया, जिसमें एक व्यावहारिक रोड मैप का उल्लेख किया गया हो कि पर्यटन विभाग और पर्यटन निगम अपनी संपत्तियों का उपयोग राजस्व बढ़ाने के लिए कैसे करेंगे। हलफनामे में यह भी बताया जाए कि सरकार वास्तव में यह सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाएगी कि हिमाचल प्रदेश को घूमने लायक शीतकालीन गंतव्य के रूप में प्रचारित करके पर्यटकों को यहां आने के लिए आकर्षित और प्रोत्साहित किया जाए। अब सुनवाई 12 नवंबर को होगी।
