5 दिन में हो अनाथ बच्चों, एकल नारियों की पहचान : डीसी…
नेक सिंह ठाकुर (ट्राइबल टूडे न्यूज)चंबा।
चंबा में बाल संरक्षण और कल्याण से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों को अहम निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से अनाथ, छोड़े और त्यागे गए बच्चों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और एकल नारियों की पहचान ग्राम पंचायतों के माध्यम से 15 दिन के भीतर करने का आदेश दिया।*
इसके अतिरिक्त बाल देख रेख संस्थान के प्रभारियों को संस्थानों में मनाए जाने वाले सभी त्योहारों में उपमंडल अधिकारी और अन्य अधिकारियों को बुलाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के लिए आवेदित नौ नए पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति प्रदान की । इसके उपरांत अगली बैठक में उन्होंने जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से चयनित 21 पात्र बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत लाभान्वित करने की स्वीकृति भी प्रदान की। जिला मुख्यालय चंबा में जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना और मिशन वात्सल्य के तहत प्रायोजन और पालन-पोषण देखभाल अनुमोदन समिति की त्रैमासिक बैठक का आयोजन किया गया।
उपायुक्त ने बैठक में जिला के सभी उपमंडलाधिकारियों और विकास खंड अधिकारियों को आदेशित किया कि वह अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे बाल देखरेख संस्थाओं का दौरा करें और उसमें मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत बच्चों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं का जायजा लें। साथ ही विकास खंड भाटियात में नए बाल देखभाल संस्थान को खोलने के लिए विभाग को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम भाटियात को आदर्श ग्राम सुख आश्रय परिसर के लिए भूमि चयनित करने के आदेश दिए।
इस अवसर पर अतिरिक्त ज़िला दंडाधिकारी अमित मैहरा, एसडीएम चंबा प्रियांशु खाती, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवानी मैहला, ज़िला विकास अधिकारी ओम प्रकाश ठाकुर, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी (योजना) जीवन कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी (आईसीडीएस) राकेश कुमार आदि मौजूद रहे
