Himachal Pradesh

पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों को सितंबर तक मोहलत

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना में करीब आधा दर्जन सडक़ों का निर्माण कार्य लंबित है। यह सभी सडक़ें अति दुर्गम क्षेत्र में आती हैं। इनमें डोडराक्वार, आनी, कांगड़ा का बड़ा भंगाल और चंबा की सडक़ें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सडक़ों के निर्माण की अंतिम तारीख तय कर दी गई है। केंद्र सरकार ने पीएमजीएसवाई को पूरा करने की मियाद सितंबर 2025 तक बढ़ा दी है और अब हर हालत में इस तय अवधि के दौरान प्रोजेक्ट पूरा करना होगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य में अवधि बढ़ाने के लिए वे केंद्र सरकार के पास नहीं जाएंगे। विक्रमादित्य सिंह शुक्रवार को शिमला में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के पहले और दूसरे चरण में काम अधूरे छोडऩे वाले ठेकेदारों को विभाग ने आगामी अवसर नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि दो साल पहले ही यह तय कर दिया गया था कि ऐसे ठेकेदारों को विभाग पीएमजीएसवाई के तीसरे चरण में काम नहीं देगा। इस फैसले से बहुत से ठेकेदार दौड़ से बाहर हो गए हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि दो साल में पीडब्ल्यूडी ने 1377 किलोमीटर सडक़ों का निर्माण किया है। जबकि 1992 किलोमीटर क्रास ड्रेनेज, 1741 किलोमीटर मैटलिंग और टारिंग पूरी की गई है। पीडब्ल्यूडी को 2806 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं और इसमें से 1238 करोड़ रुपए विभाग अभी तक खर्च कर चुका है। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के चौथे चरण पर काम कर रही है। हिमाचल में इस प्रोजेक्ट से 200 की आबादी तक के करीब 800 गांव के सडक़ से जुडऩे की संभावना है।