सरकारी में 22,146 बच्चे, निजी स्कूलों में गए 46,426, 2457 प्राइमरी स्कूलों में 10 से कम छात्र
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
लोगों को प्राइवेट ही पसंद; प्रारंभिक शिक्षा के सरकारी ढांचे को बड़ा झटका, 2457 प्राइमरी स्कूलों में 10 से कम छात्र
हिमाचल में प्रारंभिक शिक्षा के सरकारी सेक्टर को बड़ा झटका लगा है। वर्ष 2024-25 में हुई एडमिशन की आंकड़े चौंकाने वाले हैं। सरकारी स्कूलों में सिर्फ 22,146 बच्चों ने एडमिशन ली है, जबकि स्कूलों की संख्या ही 9940 है। दूसरी ओर प्राइवेट स्कूलों में 46,426 बच्चों की एडमिशन हो गई है। यानी नए शिक्षा सत्र में सरकारी स्कूलों में एडमिशन का आंकड़ा निजी के मुकाबले आधा रह गया है। चिंता की बात यह है कि 2457 प्राइमरी स्कूलों में 10 से भी कम बच्चे एनरोल हुए हैं, जबकि 150 से ज्यादा एडमिशन वाले स्कूल सिर्फ 61 रह गए हैं।
हिमाचल में सरकारी स्कूल में एडमिशन का आंकड़ा लगातार गिर रहा है। अकेली प्राइमरी कक्षाओं में ही वर्ष 2003 से अब तक 52 फ़ीसदी की गिरावट आ चुकी है, लेकिन इस साल सबसे बड़ा झटका लगा है। इसकी एक वजह छह साल की आयु में ही पहली कक्षा में एडमिशन के नए नियम को भी माना जा रहा है। इससे सरकारी स्कूलों में संख्या एकदम गिरी है। सरकारी स्कूलों ने 60000 से ज्यादा बच्चे प्री-प्राइमरी में ही इनरोल कर रखे थे, लेकिन पहली कक्षा की एडमिशन 22000 पर ही सिमट गई। शिक्षा विभाग के अधिकारी सिर्फ छह वर्ष आयु के नियम को ही जिम्मेदार मान रहे हैं। लेकिन वजह सिर्फ यही नहीं है। अभिभावक शिक्षा के लिए अब निजी स्कूलों को बेहतर मान रहे हैं। 10 साल से सरकारी क्षेत्र में एनरोलमेंट में आर्द गिरावट इसका प्रमाण है।
सरकारी स्कूलों में सिर्फ 32 फीसदी एडमिशन
पिछले शैक्षणिक सत्र यानी वर्ष 2023-24 में सरकारी स्कूलों में 49,295 बच्चे एडमिट हुए थे, जबकि निजी स्कूलों में 48,132 बच्चे थे। तब बच्चों की कुल एडमिशन 97,427 थी,
