Himachal Pradesh

गेस्ट टीचर्स पालिसी : विरोध शुरू, सडक़ों पर उतरे बेरोजगार, विधानसभा घेराव की चेतावनी

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

एचपीयू में छात्र संगठनों ने किया बड़ा प्रदर्शन, वीसी ऑफिस के बाहर की नारेबाजी, बेेरोजगार युवाओं ने विधानसभा घेराव दी चेतावनी
प्रदेश कैबिनेट में हुए फैसले के बाद गेस्ट टीचर पॉलिसी का विरोध शुरू हो गया है। एचपीयू में छात्र संगठनों ने इस पॉलिसी के विरोध में जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया। वहीं वीसी कार्यालय और कैंपस में नारेबाजी भी की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने कहा कि शिमला प्रदेश में कांग्रेस सरकार का दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने पर धूम धाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया लेकिन 2 वर्ष पूर्व चुनाव से पहले वर्तमान सरकार ने मेनिफेस्टो में अनेक घोषणाएं भी की। लेकिन इन घोषणाओं को धरातल पर उतारने और लागू करने में पूरी तरह से विफल रही। एबीवीपी के प्रांत सह मंत्री दिशांत जरयाल प्रदेश सरकार ने सता में आते ही विकास करने की घोषणाएं नहीं कीअपितु किए हुए विकास की घोषणाओं की अधिसूचना को रद्द करने में पहल की। जब भी सरकारें सता संभालती हैं उन सरकारों का प्रयास क्षेत्र के विकास,युवाओं के लिए रोजगार , स्वास्थ्य के क्षेत्र में विकास को गति देना जैसे कामों को प्राथमिकता देती हैं। परंतु हिमाचल प्रदेश की वर्तमान सरकार जब से सता में आई उसी दिन से तुगलकी फरमान जारी करने में बल दिया गया। बीते कल प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक हुई , बैठक में इसी प्रकार के अनेक तुगलकी फरमान सरकार द्वारा जारी किए गए । हिमाचल प्रदेश में 2022- 23 के सर्वे के अनुसार 7 लाख 8 हजार 2 सौ 30 बेरोजगार लोग रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हैं
परंतु प्रदेश सरकार ऐसे संवेदनशील विषय के ऊपर किसी प्रकार की नीति प्रदेश सरकार द्वारा नहीं बनाई गई जिससे युवाओं को रोजगार प्राप्त हो।