Himachal Pradesh

चुनाव से छह महीने पहले जारी होगा आरक्षण रोस्टर

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विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे

ग्रामीण संसद के मतदान में पारदर्शिता को बड़ी तैयारी कर रही प्रदेश सरकार
पंचायती राज संस्थाओं के आरक्षण रोस्टर में पारदर्शिता लाने के लिए प्रदेश सरकार बड़ी तैयारी कर रही है। इसके लिए चुनावों से करीब छह माह पहले आरक्षण रोस्टर जारी किया जा सकता है, जिससे आनन-फानन में लोगों को प्रतिनिधि न चुनने पड़े और सही च्वाइस करने के लिए समय मिल पाए। इतना ही नहीं, जल्दबाजी में कहीं गलत आरक्षण न हो इसके लिए भी समय मिल पाएगा। नई पंचायतें बनाने के लिए आवेदन मांगने के साथ ही आरक्षण रोस्टर को लेकर भी तैयारी शुरू हो गई है। पंचायतों के चुनाव दिसंबर 2025 में प्रस्तावित हैं। इन चुनावों से पहले सरकार पंचायतों का आरक्षण रोस्टर जारी करने की तैयारी कर रही है। सूत्रों की मानें तो इस बार प्रदेश सरकार पंचायती राज विभाग में पंचायती आरक्षण रोस्टर को चुनावों से करीब छह माह पहले जारी कर सकती है।
ऐसा माना जा रहा है कि पंचायत चुनावों का आरक्षण रोस्टर मार्च तक जारी किया जा सकता है। इसके पीछे की यह वजह बताई जा रही है कि आरक्षण रोस्टर अकसर देरी से जारी किया जाता है, जिससे चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपनी चुनावी गतिविधियों को मकम्मल करने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। इसलिए प्रदेश सरकार इस बार लीक से हटकर चुनावी आरक्षण रोस्टर को पूर्व योजना के आधार पर जारी कर सकती है।
पहले मतदान तय होने के बाद जारी होता था रोस्टर
इससे पहले ऐसा होता आया है कि चुनाव की तिथियां तय होने के बाद ही चुनावी आरक्षण रोस्टर जारी हो पाता है। जिसके चलते कई बार तो तो गिने चुने दिन का ही समय मिल पाता है। ऐसे में चुनाव लडऩे के इच्छुक व्यक्ति चुनाव लडऩे से भी वंचित रह जाते है