प्रस्ताव के खिलाफ नहीं पहले लाभार्थी तो बताओ
नौतोड़ विवाद पर राज्यपाल का राजस्व मंत्री को जवाब
बोले, राजभवन नियम के अनुसार ही करेगा काम
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी को अगले दिन ही राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने जवाब दे दिया है। एक दिन पहले जगत सिंह नेगी ने कहा था कि नौतोड़ मामले में यदि राजभवन से मंजूरी मिलने में और देरी हुई, तो उन्हें लोगों के साथ सडक़ पर उतरना पड़ेगा। यह सवाल जब शुक्रवार को राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस मामले में आपत्तियों का जवाब मांगा गया है। अभी तक राजभवन को जवाब मिला नहीं है। राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि वह नौतोड़ आबंटन के खिलाफ हैं या अनुमति नहीं देंगे, लेकिन पहले लाभार्थियों की लिस्ट, तो राजभवन को उपलब्ध करवाई जाए। कितने लोग हैं, कौन हैं? यदि फेक तरीके से ही सब करने का इरादा है, तो यह नहीं होगा। राजभवन नियमों के अनुसार ही काम करेगा। वैसे भी राजभवन किसी के चुनावी वादों को पूरा करने के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्री खुद कह रहे हैं कि तीन बार एफसीए सस्पेंड करने के बाद सिर्फ एक-एक लाभार्थी को ही आबंटन हुआ? राजभवन नहीं चाहता कि दोबारा ऐसा हो।
इसीलिए लाभार्थियों की सूची पहले जरूरी है। गवर्नर ने कहा कि जहां तक मंत्री का सवाल है, तो उन्हें राजभवन ने ही शपथ दिलाई है। हम उनका आदर करते हैं। बेशक वह राजभवन का आदर न करें। गौरतलब है कि गुरुवार को ही राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि यदि किन्नौर जिला में नौतोड़ आबंटन को लेकर राजभवन से जल्दी फैसला नहीं हुआ, तो मजबूरन लोगों को सडक़ों पर उतरना पड़ेगा। कैबिनेट से प्रस्ताव पारित करने के बाद राजभवन भेजा गया है, ताकि राज्यपाल संविधान के अनुच्छेद-5 के तहत फारेस्ट कंजर्वेशन एक्ट को सस्पेंड करें। इसके बाद राज्य सरकार नौतोड़ का आबंटन लोगों को कर सकेगी। प्रदेश के ट्राइबल क्षेत्र में 20000 के आसपास आवेदन लंबित पड़े हैं, जिन पर फैसला नहीं हो पा रहा। अब राजभवन से गवर्नर ने खुद ने जवाब दिया है।
