प्रदेश के जनजातीय इलाकों में बर्फबारी से थम गई जिंदगी, 80 फीसदी सडक़ें बंद
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
यातायात ठप होने से लोगों की बढ़ी दिक्कतें, किसानों-बागबानों को राहत
हिमाचल में ताजा बर्फबारी की वजह से जनजातीय इलाके पूरी तरह से जाम हो गए हैं। बर्फबारी ने सैकड़ों लोगों की जिंदगी को थाम दिया है। 80 फीसदी से ज्यादा सडक़ों पर ब्रेक लग गई है। पीडब्ल्यूडी ने इन सडक़ों को बहाल करने के लिए मौसम खुलने तक इंतजार करने की बात कही है। यानि जो इलाके बर्फबारी की वजह से बाधित हैं उनमें लोगों को राहत के लिए मार्च के अंतिम सप्ताह तक इंतजार करना पड़ सकता है। फिलहाल, बीते 24 घंटे के दौरान मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार हिमाचल का मौसम बदल गया और इससे राज्य को लंबे समय बाद सूखे से राहत मिल गई। मंगलवार देर रात से सुबह तक ऊपरी इलाकों में जमकर बर्फबारी हुई है, तो मैदानी इलाकों में बारिश ने नया रिकार्ड बना दिया है।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई बारिश ने बीते जनवरी महीने के सूखे से किसानों और बागबानों को राहत दी है। हिमाचल में शिमला के नारकंडा, कुफरी, नालदेहरा समेत डोडरा क्वार और ठियोग के ऊपरी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी की वजह से बुधवार तडक़े कुछ देर के लिए शिमला-किन्नौर एनएच पर आवाजाही प्रभावित हुई थी। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने इसे महज कुछ देर में ही बहाल कर लिया। हालांकि किन्नौर और लाहुल-स्पीति में बर्फबारी के बाद 80 फीसदी से ज्यादा सडक़ें बाधित हैं। शिमला- डोडराक्वार सडक़ बंद है। जबकि काजा और कल्पा में 31 सडक़ों पर आवाजाही बाधित हो गई है। पीडब्ल्यूडी ने मार्च के बाद ही इन सडक़ों के बहाल होने की संभावना जताई है। लाहुल-स्पीति और किन्नौर के ज्यादातर इलाकों का संपर्क सडक़ से कट गया है। यहां कई स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर भी ठप हो गए हैं।
