आय कम तो पानी का बिल माफ
विनोद ठाकुर ट्राइबल टुडे
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि 50 हजार से कम आय वालों को पानी का बिल नहीं देना होगा। इसके अलावा एकल नारी भी इस बिल के दायरे से बाहर कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आयकर भर रहे हैं, उन्हें पानी का बिल चुकाना होगा। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में 100 रुपए का शुल्क तय कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बिलों की अदायगी से आने वाले राजस्व को पेयजल सुधार पर खर्च किया जाएगा। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि घरों में नलों आ रहा पानी सौ फीसदी शुद्ध हो। उन्होंने कहा कि होटल मालिकों को भी पेयजल बिल चुकाना होगा। शहर की परिधि के बाहर जिन होटलों को खोला गया है, उनमें अब तक पानी का बिल नहीं था।
पूर्व सरकार होटल मालिकों को मुफ्त में पानी की सप्लाई कर रही थी, लेकिन अब राज्य सरकार ने व्यवस्था में बदलाव कर दिया है और इसके तहत इन होटल मालिकों को भी प्रति लीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा। जो भी होटल मालिक बिल नहीं चुकाएंगे, उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में राज्य सरकार ने बिल के दाम तय किए हैं, लेकिन यह दाम केवल आयकर चुकाने वालों के लिए ही होंगे। जो लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं या फिर जिनकी आय कम है उन्हें सरकार छूट देगी। इससे पहले कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार ने पेयजल बिलों पर वसूली का फैसला किया था और इस फैसले के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
